मुरादाबाद। शहर की जलापूर्ति व्यवस्था कागजी दावों और जमीनी सच्चाई के बीच तालमेल नहीं बिठा पा रही है। हर टंकियों पर पिछले वर्ष जनवरी महीने में सफाई का कार्य पूरा कर लेने का उल्लेख जरूर किया गया है लेकिन मोहल्ले के लोग इस दावे को कागजी बता रहे हैं। मोहल्ले वालों का कहना है कि उन्होंने सफाई होते देखी ही नहीं है क्योंकि जब भी सफाई होती है तो सप्लाई को बंद किया जाता है। अगर टंकियों की सफाई होती तो पानी के स्वाद में भी बदलाव आता लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। अमर उजाला ने बुधवार को शहर के कई मोहल्लों में टंकी की सफाई के कार्य की पड़ताल की तो आसपास के लोगों ने सफाई व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। पेश है यह रिपोर्ट-
- हिमगिरी कॉलोनी (हरथला)
यहां पानी की टंकी पर सफाई का कार्य जनवरी-2025 में पूरा कराने का उल्लेख किया गया है। टंकी के आसपास रहने वाले लोगों ने दावा किया वह कई सालों से यहां रह रहे हैं लेकिन टंकी की सफाई होते नहीं देखी है। मोहल्ले वालों का कहना है कि समय-समय पर केमिकल जरूर डाले जाते हैं लेकिन पूरी तरह से टंकी की सफाई नहीं कराई जाती है। अगर पूरी तरह से सफाई होगी तो दो से तीन दिन तक पानी की आपूर्ति भी बाधित होगी लेकिन ऐसा नहीं होता है। बिना फिल्टर के यहां पानी न तो पीने लायक रहता है न ही वह खाना बनाने के इस्तेमाल में आ पाता है।
- रामगंगा विहार फेज-1
यहां टंकी के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि टंकी की सफाई होती तो सभी को सूचना भी दी जाती। लेकिन ऐसा कभी होता ही नहीं है। टंकी कब साफ हुई है इसकी जानकारी किसी को भी नहीं है। पानी पीने में तो ठीक है लेकिन टंकी के आसपास रहने वाले लोगों को भी लो प्रेशर की समस्या से जूझना पड़ता है। लोगों का दावा है कि उन्होंने कई बार शिकायत भी की है लेकिन उनकी समस्या का निस्तारण नहीं हुआ है। बिना आरओ का पानी पीने लायक भी नहीं रहता है। हालांकि स्थानीय लोगों के उलट यहां भी टंकी की सफाई का कार्य जनवरी-2025 में पूरा होने का उल्लेख किया गया है।
- अवंतिका कॉलोनी
अवंतिका कॉलोनी में लोगों ने बदबूदार पानी आने की शिकायत की है। यहां के लोगों का कहना है कि नाले के बीच से पानी की पाइपलाइन गुजर रही है। इसकी वजह से अकसर पानी में बदबू की शिकायत रहती है। लोगों का आरोप है कि उन्होंने टंकियों की सफाई होते नहीं देखी है। टंकी की सीढ़ी की रेलिंग भी जगह-जगह से टूटी हुई हैं जिस पर बिना सहारे के चढ़ने से कर्मचारियों को भी जान हथेली में रखनी पड़ती होगी। इस टंकी में भी जनवरी-2025 में सफाई का कार्य पूरा करने की तारीख अंकित की गई है।
- जिगर कॉलोनी
जिगर कॉलोनी की पानी की टंकी का हाल और भी बुरा है। यहां टंकी की सीढ़ी जर्जर स्थिति में है जिसपर चढ़कर सफाई करना खुद कर्मचारियों की जान जोखिम में डालने के बराबर है। यहां के लोगों का आरोप है कि पानी रेतीला आता है और उन्होंने कभी टंकी की सफाई होते नहीं देखी है। टंकी पर सफाई का कार्य जनवरी-2025 में पूरा करने का दावा किया गया है लेकिन सीढ़ियों की जर्जर हालत बताती है कि टंकी पर चढ़कर सफाई का कार्य आसानी से मुमकिन नहीं है।
- बंगला गांव
बंगला गांव के भी स्थानीय लोगों ने मिट्टी युक्त पानी आने की शिकायत की है। यहां के लोगों का कहना है कि पिछले सात-आठ सालों से कभी भी सफाई होते नहीं देखी है न ही किसी कर्मचारी को टंकी के ऊपर जाते हुए देखा है। पानी मिट्टी युक्त शुरुआती 15 मिनट आता है लेकिन फिर साफ हो जाता है। इस टंकी पर भी जनवरी-2025 में सफाई का कार्य पूरा कराने की तारीख दर्ज की गई है।
- क्या बोले स्थानीय लोग
- मैं 20 साल से यहीं रहता हूं लेकिन कभी टंकी की पूरी तरह से सफाई होते नहीं देखी है। पानी में केमिकल जरूर डाला जाता है। पानी पूरी तरह से खारा है। बिना फिल्टर के पानी नहीं पिया जा सकता है। कई लोग प्लांट से पानी खरीदते हैं कुछ लोग नल से पानी भरते हैं। - विवेक चौधरी, हिमगिरी कॉलोनी, हरथला
- पानी पीने लायक नहीं है। मोहल्ले में लगभग हर घर में सबमर्सिबल लोगों ने लगवा रखे हैं। हमने कभी भी सफाई होते नहीं देखी है। - मो. रफी, हिमगिरी कॉलोनी, हरथला
- आखिरी बार सफाई कब हुई है याद भी नहीं है। सफाई की तारीख यूं ही डाल दी जाती है। जब टंकी की सफाई होती है तो उसकी सूचना दी जाती है और जलापूर्ति बाधित होती है लेकिन मेरे सामने कभी ऐसा नहीं हुआ है। - अमन सिंह, हिमगिरी कॉलोनी, हरथला
- काफी समय पहले टंकी की सफाई हुई थी। पीने में पानी ठीक है लेकिन पानी का प्रेशर बहुत कम है। घर की पहली मंजिल तक पानी प्रेशर से नहीं पहुंच पाता है। कई बार शिकायत भी की है लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ है। - ऋचा, रामगंगा विहार फेज-1
- हमारे सामने कभी भी टंकी की सफाई नहीं हुई है। अकसर पानी बिलकुल काला आता है इसीलिए लोग पानी नहीं पीते हैं। मोहल्ले में हर घर में लोगों ने आरओ लगवा रखे हैं। बिना आरओ के पानी पीने लायक नहीं है। - संजीव अग्रवाल, रामगंगा विहार फेज-1
- हम 25 साल से यहां निवास कर रहे हैं लेकिन आज तक कभी टंकी की सफाई होते नहीं देखी है। नालों के बीच से पानी की पाइपलाइन गुजरी है। कई बार गंदे पानी की भी आपूर्ति होती है। - जेपी मिश्रा, अवंतिका कॉलोनी
- कई बार गंदे पानी की आपूर्ति होती है और बदबूदार पानी नलों से आता है। नाले के अंदर से पाइपलाइन आई है इस वजह से अकसर यह समस्या आती है। टंकी की सफाई होते मैंने नहीं देखी है। - अतरकली, अवंतिका कॉलोनी
- पानी रेतीला आता है। थोड़ी देर भरकर छोड़ना पड़ता है तब रेत नीचे बैठती है और पानी इस्तेमाल के लायक बनता है। मैंने कभी भी टंकी की सफाई होते नहीं देखी है अगर सफाई होती तो पानी बता देता कि सफाई होती है। लेकिन पानी की स्थिति में कोई बदलाव नहीं है।- शहनवाज हुसैन, जिगर कॉलोनी
- पानी में बहुत रेत है और प्रेशर भी बहुत कम है। पिछले दो-तीन सालों से यहां रह रहा हूं लेकिन कभी भी टंकी की सफाई होते नहीं देखी है। - आसिफ, जिगर कॉलोनी
- मैंने कभी भी टंकी की सफाई होते नहीं देखा है। टंकी बने 10-15 साल हो गए लेकिन कभी किसी कर्मचारी को टंंकी पर चढ़ते हुए भी नहीं देखा है। पानी मिट्टी युक्त आ रहा है। कई बार शिकायत भी की है। - रोहित चंदेल, बंगला गांव
- पानी साफ है लेकिन टंकी की सफाई होते हुए कभी नहीं देखा है। मैं काफी समय से यहां रह रहा हूं लेकिन कभी भी टंकी पर कुछ काम होते नहीं देखा है। - नितिन, बंगला गांव
- इस तरह होनी चाहिए सफाई
नियमों के मुताबिक किसी भी मोहल्ले की पानी की टंकी की सफाई साल में एक बार या फिर हर तीन से छह महीने के अंतराल पर जरूर कराई जानी चाहिए। सफाई कराने से पहले संबंधित क्षेत्र के लोगों को इसकी सूचना विभिन्न माध्यमों से दी जाती है। इसके बाद तय तारीख पर पूरी टंकी को खाली कराया जाता है और कई कर्मचारी टंकी के अंदर घुसकर जमी काई, मिट्टी व बालू को पूरी तरह से बाहर निकालते हैं। दीवारों पर जमी काई को भी हटाया जाता है और फिर ब्लीच या पोटेशियम परमैग्नेट से टंकी को कीटाणु रहित किया जाता है। इसके बाद दो से तीन बार पानी की टंकी को भरकर पूरी तरह से खाली किया जाता है। फिर ढक्कन को पूरी तरह से ढका जाता है ताकि जानवर या धूल अंदर तक न पहुंचने पाए। इसके बाद सफाई का कार्य पूरा होने की तारीख अंकित की जाती है।