बिलारी। रविवार शाम बारिश होने के दौरान सहसपुर गांव के मोहल्ला चांद मस्जिद इलाके में बुनकर मजदूर के मकान की कच्ची छत भर भराकर गिर गई। छत के मलवे में दबकर मजदूर और उसका बेटा मामूली चोटिल हो गए तथा घरेलू सामान खराब हो गया। मोहल्ले के लोगों ने पीड़ित मजदूर का मकान बनवाने की मांग शासन प्रशासन से की है।
सहसपुर निवासी मोहम्मद हनीफ 65 वर्ष मजदूरी पर चादर बुनाई का काम करता है। उसका बेटा नफीस भी मोहल्ले में एक पावरलूम बुनकर के यहां मजदूरी पर बुनाई करता है। हनीफ की पत्नी किश्वरी की चार साल पहले मौत हो चुकी है। उसके परिवार में दो बेटे और चार बेटियां हैं। मजदूर हनीफ ने बताया कि उसके मकान की छत में यूके लिप्टिस के गोले और मिट्टी पड़ी हुई है। रविवार शाम तेज बारिश होने के दौरान अचानक उसके मकान की आधी छत गिर गई। छत में लगे गोले भी टूटकर नीचे आ गिरे। इस दौरान हनीफ और उसका बेटा नफीस अंदर से कुछ सामान निकाल रहे थे। मलवे में दबकर दोनों मामूली चोटिल हो गए। हनीफ के मकान के बरामदे की छत में भी मिट्टी और गोले पड़े हुए हैं और बरामदे की छत भी बारिश से टपक रही है। बरामदे की छत रात में न गिर जाए इसी डर की वजह से सभी घर वालाें ने रविवार की पूरी रात जागकर गुजारी।
सोमवार सुबह हनीफ के घर के पास जमा पूर्व जिला पंचायत सदस्य हाजी अब्दुल हसन रईस अहमद गुलाम नबी, इंतजार हुसैन, नूर मोहम्मद, याकूब और शकील आदि पहुंचे जिन्हाेंने मजदूर हनीफ के घर की जर्जर हालत देख ब्लॉक कर्मियाें की भूमिका पर यह कहते हुए सवाल उठाए कि पात्र होने के बाद भी पीएम आवास योजना के तहत हनीफ का मकान क्यों नहीं बन पाया। हनीफ ने बताया कि उसने पीएम आवास योजना का लाभ मिलने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है और ब्लॉक अधिकारियों से व्यक्तिगत मिलकर भी गुहार की है। ब्लॉक के एडीओ पंचायत द्विजेंद्र सिंह ने बताया कि पंचायत सचिव को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी। उधर घटना के 24 घंटे बाद भी राजस्व विभाग से कोई कर्मचारी मौके पर जांच करने नहीं पहुंचा। तहसीलदार धीरेश कुमार सिंह ने बताया कि लेखपाल को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी।