मुरादाबाद । जन जीवन मिशन योजना अधर में है। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य अधूरे पड़े हैं। काम शुरू होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें भी शुद्ध पेयजल जल्द मिलेगा लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी ने ग्रामीणों की उम्मीद पर पानी फेर दिया है। कहीं ओवरहेड टैंक के केवल पिलर खड़े हैं तो कहीं पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है, कई जगहों पर न सोलर सिस्टम लग पाया है न ही बिजली के कनेक्शन ही हो पाए हैं। यहीं नहीं अब तो अधिकारी शिकायत के बाद भी कार्यों का निरीक्षण करने तक नहीं जाते हैं। धीरे-धीरे लोगों की आस टूटती जा रही है। संवाद
माधोवाला कालेवाला में बोरिंग कर घर में पानी की आपूर्ति करना भूल गए जल जीवन मिशन के कर्मचारी
ठाकुरद्वारा। ग्राम पंचायत माधोवाला में दो गांव माधोवाला और कालेवाला आते हैं। इस ग्राम पंचायत में जल जीवन मिशन के अंतर्गत कुछ काम हुआ लेकिन बोरिंग करने के बाद घरों में पानी की आपूर्ति करना कर्मचारी भूल गए हैं। दोनों गांवों की केवल आधी आबादी में ही पाइपलाइन बिछाई गई है। करीब तीन वर्ष पहले गांव में जल जीवन मिशन योजना शुरू हुई थी। अभी तक ओवरहेड टैंक भी नहीं बन पाया है। दोनों गांव के लोगों का कहना है कि जल जीवन मिशन का काम शुरू होने पर उन्हें काफी उम्मीदें थी। घरों में साफ पानी आएगा लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के चलते उन्हें निराशा ही हाथ लगी है। गांव निवासी अजय कुमार का कहना है कि जल जीवन मिशन के लिए गांव की सड़क तोड़ दी गई हैं। इस योजना में ग्रामीणों को परेशानी के अलावा कुछ नहीं मिला है। गांव माधोवाला निवासी नरपाल सिंह का कहना है कि आधे गांव में पानी की पाइपलाइन भी नहीं डाली गई है। दो वर्ष से काम बंद पड़ा है। ग्राम प्रधान रविंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत कई बार अधिकारियों से की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। संवाद
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सराय खजूर में ना ओवरहेड टैंक बना और ना ही ग्रामीणों को मिला पानी
कांठ। छजलैट के गांव सराय खजूर में करीब दो साल पहले जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों को साफ पानी दिए जाने के लिए काम शुरू किया गया था। ओवरहेड टैंक के लिए पिलर तो खड़े किए गए मगर अभी तक वाटर टैंक नहीं बना पाया है। नलकूप करके एक कमरा बनाया गया। यहां न तो सोलर सिस्टम ही लगाया गया और न ही बिजली का कनेक्शन है।
पाइप लाइन बिछाने का काम भी अधूरा छोड़ दिया। बुधवार को गांव के फईमुद्दीन, मोहम्मद नवी, राशिद ने बताया कि यहां एक साल से काम बंद है। ग्राम प्रधान बबली के पति सलमान ने बताया कि नलकूप है टैंक के पिलर बनाने के बाद काम बंद कर दिया। गांव की चालीस प्रतिशत आबादी में अभी वाटर पाइप लाइन भी नहीं बिछी है। जहां पाइप लाइन डाली गई थीं वहां खोदे गए रास्तों को ऐसे ही छोड़ दिया था। उन्होंने कहा कि ग्रामवासियों को मिशन के तहत आज तक एक बूंद पानी नहीं मिला है। काम बंद करने के बाद से किसी भी जिम्मेदार ने यहां आकर भी नहीं देखा है। संवाद
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फाउंडेशन बनाकर ओवरहेड टैंक का निर्माण करना भूल गए जल निगम के अधिकारी
बिलारी। ब्लॉक के टांडा अमरपुर गांव में दो साल पहले बुनियाद भरकर और फाउंडेशन बनाकर जलनिगम के अधिकारी ओवरहेड टैंक का निर्माण करना भूल गए। दो वर्ष से यहां ओवरहेड टैंक का रुका हुआ निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। टांडा अमरपुर गांव की आबादी के उत्तर में ग्राम समाज की खाली पड़ी भूमि का चयन नलकूप बनाने और ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए किया गया। यहां दो साल पहले बोरिंग होने के बाद उस पर नलकूप बना दिया गया और सोलर प्लांट भी लगा दिया गया। ओवरहेड टैंक बनाने के लिए नीचे बुनियाद भरने के बाद ऊपर गोल फाउंडेशन बना दिया गया और उस फाउंडेशन पर पिलर बनाने के लिए लौहे के सरिये के बीम खड़े कर दिए गए। टांडा अमरपुर के प्रधान महबूब हुसैन ने बताया कि ओवरहेड टैंक बनाने का काम दो साल से रुका पड़ा है। जलनिगम का कोई अधिकारी या ठेकेदार दो साल से मौके पर नहीं आ आया है। सोलर प्लांट में लगे बैटरी और मशीन असामाजिक तत्व चोरी करके ले गए। ग्राम प्रधान के अनुसार गांव के एक चौथाई रास्तों में अभी तक पाइप लाइन नहीं बिछ पाई है। ग्राम प्रधान ने बताया कि ग्रामीणों ने जलजीवन मिशन के अंतर्गत स्वच्छ पेयजल आपूर्ति शुरू होने के लिए जलनिगम और पंचायतराज निगम के अधिकारियों को कई बार पत्र दिया गया है लेकिन अधिकारियों द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। संवाद
नगला सालार में घर-घर नहीं पहुंचा पेयजल, ओवरहेड टैंक आपूर्ण
कुंदरकी। ब्लॉक की ग्राम नगला सालार में तीन साल पहले हर घर जल पहुंचने के लिए ओवरहेड वाटर टैंक, नलकूप और भूमिगत वाटर पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू हुआ है। शुरुआती दौर में निर्माण कार्य तेजी से चला था जिसके चलते नलकूप बन गया। साथ ही नगला सालार गांव में भूमिगत वाटर पाइप लाइन बिछा दी गई लेकिन ओवरहेड वाटर टैंक अधूरा छोड़ दिया है। ग्राम प्रधान दिलशाद हुसैन का कहना है कि ओवरहेड वाटर टैंक का निर्माण कार्य बीते दो साल से रुका हुआ और नलकूप के संचालन के लिए सोलर सिस्टम भी नहीं लगाया गया। वहीं किसान हरवीर सिंह का कहना कि भूमिगत वाटर पाइप लाइन पहले से ही बिछा दी गई लेकिन नगला सालार में घर-घर पेयजल आपूर्ति अभी तक सुचारू नहीं हो सकी है। लोग आस लगाए हुए कि आखिर कब तक शहरों की तरह उनके गांव में घर घर पेयजल आएगा। संवाद