डिलारी (मुरादाबाद)। थाना क्षेत्र के अलियाबाद गांव स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में मंगलवार की सुबह कुछ लोगों ने प्रधानाचार्य अशोक कुमार सूर्यवंशी पर हमला बोल दिया। हमलावर उन पर आरोप लगा रहे थे कि स्कूल में लगा डॉ. बीआर आंबेडकर का फोटो फाड़ दिया और अनुसूचित जाति के छात्रों को अपमानित किया है। घटना की जानकारी मिलने पर टीचर और स्टाफ के आने पर धमकी देकर भाग गए। प्रधानाचार्य का कहना है कि उन्होंने न तो फोटो फाड़ा और न ही किसी का अपमान किया है। पुलिस ने इस मामले में सात नामजद और कुछ अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बिजनौर जिले के शिवाला कलां थाना क्षेत्र के शेरगढ़ निवासी अशोक कुमार सूर्यवंशी ने डिलारी थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वह अलियाबाद स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत हैं। विद्यालय परिसर में ही बने आवास में रहते हैं। मंगलवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे छात्र-छात्राएं विद्यालय में आने शुरू हो गए थे। वह अपने कार्यालय में बैठे थे। इसी दौरान वहां गौरव, नवनीत, अमित कुमार, रामौतार, निक्की, अरुण और विनीत अपने साथ 25 अज्ञात लोगों को लेकर विद्यालय में घुस आए। उन्होंने आते ही मेरे साथ गाली गलौज व अभद्रता की और कहने लगे कि आपने डॉ. बीआर आंबेडकर का फोटो फाड़ा है। प्रधानाचार्य ने उन्हें बताया कि दीवार पर चस्पा डॉ. भीमराव आंबेडकर का फोटो का कोना फटा नहीं है बल्कि दीवार से उखड़ कर मुड़ गया है। इस पर लोग भड़क गए और जमीन पर गिराकर पीटने लगे। आरोपियों ने मेरी जेब से 35 हजार 550 रुपये भी निकाल लिए। विद्यालय के आचार्य हरदीप, प्रशांत आ गए और उन्होंने बचाने का प्रयास किया लेकिन हमलावरों की संख्या ज्यादा होने पर बचा नहीं पाए। आस पड़ोस के लोग आ गए तो आरोपी जान से मारने की धमकी देकर चले गए। प्रधानाचार्य अशोक कुमार सूर्य वंशी का कहना है कि हमारे कार्यालय और विद्यालय में डॉ. बीआर आंबेडकर का फोटो लगा है। मेरे ऊपर झूठे आरोप लगाए गए हैं। एसपी देहात कुमार आकाश सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर सात नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
दूसरे पक्ष का आरोप, फोटो फाड़ने का विरोध करने पर छात्रों को बनाया मुर्गा
डिलारी। क्षेत्र के गांव के अलियाबाद और पीपली उमरपुर के अनुसूचित जाति के लोगों ने थाने में तहरीर दी है।
शीशपाल सिंह और राजू सिंह की ओर से दी गई तहरीर में बताया कि स्कूल में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति के बच्चों के सामने प्रधानाचार्य ने डॉ. बीआर आंबेडकर के चित्र का अपमान किया। बच्चों ने विरोध किया तो उनका अपमान किया गया और उन्हें मुर्गा बनाकर पीटा गया। बच्चों ने घर जाकर परिजनों को घटना के बारे में जानकारी दी। 26 जनवरी को परिजन विद्यालय गए और प्रबंधक से इस बारे में शिकायत की तो उन्होंने गणतंत्र दिवस का कार्य होने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया था। 27 जनवरी को परिजन विद्यालय में पहुंचे प्रबंधक, प्रधानाचार्य और अन्य स्टाफ ने उन्हें बंधक बना लिया और पिटाई की।