कांठ। शनिवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र छजलैट पर हुई उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ छजलैट इकाई की ब्लॉक कार्य समिति व संघर्ष समिति की बैठक में टीईटी की अनिवार्यता के मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया गया। शिक्षकों को इसके लिए चल रहे संघर्ष और आंदोलन की विस्तार से जानकारी दी गई।
बैठक में जिलाध्यक्ष डॉ. नीरज शर्मा और जिला मंत्री धर्मेंद्र प्रताप सिंह का शिक्षकों ने फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सितंबर को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सेवारत बेसिक शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता से देश के 20 लाख शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। इसके विरोध में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लगातार संघर्षरत है, कहा कि किसी भी शिक्षक का अहित नहीं होने देंगे। संगठन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में भी लगातार पैरवी की जा रहीं है। इसी क्रम में 22 से 26 फरवरी तक संगठन द्वारा आंदोलन की रुपरेखा बनाई गई है। जिसमें 22 फरवरी को सोशल मिडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हैश टैग अभियान चलाया जाएगा। जिला मंत्री ने कहा कि 23 से 25 फरवरी तक सभी शिक्षक काली पट्टी बांधकर विद्यालयों में कार्य करेंगे। 26 फरवरी को बीएसए कार्यालय पर धरना प्रदर्शन होगा और डीएम को ज्ञापन दिया जाएगा। जिला उपाध्यक्ष व छजलैट ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. कपिल सिरोही ने कहा कि टीईटी की अनिवार्यता अव्यवहारिक है। सभी संगठनों ने एक मंच पर आकर टीईटी के विरोध में लड़ाई लड़ने एकता से लड़कर कामयाबी मिलेगी। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष डॉ. नीरज शर्मा व संचालन जुबैर अहमद अंसारी ने किया। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष व छजलैट ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. कपिल सिरोही, मोहम्मद रिजवान अहमद, जुबैर अहमद, मेघराज सिंह, कृष्णगोपाल, दुष्यंत यादव, प्रियंका चौधरी, मधुबाला, पारूल चौधरी, राजवीर सिंह, रजत चौधरी, दिनेश सैनी, भूपेंद्र यादव, शमीम, मनीष गौतम, जावेद अख्तर, विवेक कुमार, मोहम्मद इरफान, शकील अहमद, चंद्रशेखर सिंह, मोहम्मद तनवीर, गौरव सिंह, अकरम अली, प्रभास उज्ज्वल आदि रहे।