मुरादाबाद की कोर्ट ने सुनाया फैसला
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विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) सुरेंद्र कुमार की अदालत ने शुक्रवार को नेपाल की महिला की दहेज हत्या के मामले में पति अंकित को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई है, जबकि दोषी पर बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
मूलरूप से नेपाल निवासी रामबाबू थापा ने आठ अगस्त 2019 को मझोला थाने में मझोला के कांशी नगर निवासी अंकित, उसके भाई भोला और पिता महेंद्र सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें रामबाबू ने बताया कि वह परिवार के साथ कटघर के महबुल्लागंज में रहता है।
उसने अपनी बेटी पूजा थापा की शादी करीब ढाई साल पहले अंकित के साथ की थी। शादी के बाद से ही अंकित और उसके परिवार के लोगों ने दहेज के लिए पूजा को परेशान करना शुरू कर दिया था। 14 जुलाई 20219 को पूजा की पिटाई की गई थी।
जिसमें आई चोटों के कारण 23 जुलाई 2019 उसकी मौत हो गई थी। रामबाबू का आरोप है कि अंकित और उसके परिवार के लोगों ने धमकी दी कि अगर शिकायत की तो तुम्हारी कहीं सुनवाई नहीं होगी।
तुम नेपाल के रहने वाले हो। इस मामले में पुलिस ने आरोपी अंकित के खिलाफ दहेज हत्या समेत अन्य धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी। विवेचक ने कोई साक्ष्य न मिलने के कारण भोला और महेंद्र सिंह के नाम जांच में निकाल दिए गए थे।
इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) सुरेंद्र कुमार की अदालत में चली।