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Moradabad News: दिनभर रही मैनाठेर बवाल की चर्चा

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कुंदरकी। मैनाठेर बवाल में दोषियों को सजा सुनाई गई तो 15 साल पुराना लोगों की नजरों में तैरने लगा। उस घटना को लेकर लोगों के दिल दिमाग पर छा हुई है। क्षेत्र में दूसरे दिन रविवार को भी दिनभर मैनाठेर बवाल लेकर दिनभर तरह तरह की चर्चा होती रही। डींगरपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के कई गावों में सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के साथ फोर्स की निगरानी रही।
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डींगरपुर में 10 घंटे तक रही अघोषित कर्फ्य जैसी स्थिति

कुंदरकी। मैनाठेर बवाल के दौरान डींगरपुर गांव में डीआईजी अशोक कुमार सिंह पर हमले के बाद बिगड़ते हालात पर काबू पानी के लिए मुरादाबाद रेंज के अधिकांश थानों से पुलिस फोर्स को कॉल कर लिया गया था। पुलिस फोर्स को आने में हालत पर नियंत्रण हो सका था तब तक डींगरपुर के बीच से होकर दो जिलों को सीधे जोड़ने वाले मुरादाबाद संभल रोड और कुंदरकी डींगरपुर पाकबड़ा रोड पर आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया था। बवाल के चलते पुलिस ने वाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया था तब मुरादाबाद से संभल को जाने वाले वाहन कुंदरकी बिलारी से होते हुए सिरसी रोड से निकाले गए थे। देर रात में जाकर यात्रियों को राहत मिल सकी थी। अगले दिन मुरादाबाद संभल रोड पर वाहनों की संख्या सीमित ही नजर आई थी क्योंकि लोगों में भय का माहौल था।


पुलिस से बचने को त्रिपाल में छुप गए थे आठ आरोपी

कुंदरकी। मैनाठेर बवाल के दौरान जब पुलिस ने आरोपियों का पीछा किया तो उस समय पुलिस ने डींगरपुर गांव के पास स्थित असदपुर की पुलिया पर जमा लोगों को दौड़ लिया था। इनमें चार नाबालिगों समेत आठ आरोपी भाग कर एक घर में घुस गए थे और पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए इन सभी लोगों ने ऊपर से त्रिपाल ओढ़ लिया लेकिन पुलिस त्रिपाल से खींच कर ले गई थी। पुलिस की गिरफ्त में आए ट्रक चालक मोहम्मद मुजीब और उसके भाई तहजीब आलम के अलावा मोहम्मद कमरूल और मोहम्मद नाजिम को भी आजीवन कारावास की सजा हुई है जबकि असदपुर गांव निवासी दो, भीकनपुर गांव निवासी एक और गुरेर गांव निवासी एक नाबालिग भी पकड़ा गया था। खास बात यह कि डेढ़ साल पहले से ही जेल में बंद मोहम्मद मुजीब और तहजीब आलम का परिवार से असदपुर गांव छोड़कर पाकबड़ा में जाकर बस चुका है।
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मैनाठेर कोतवाली और डींगरपुर चौकी में हुई थी आगजनी

कुंदरकी। मुरादाबाद संभल रोड से सटे ग्राम असालतनगर बघा से शुरू होकर बवाल मैनाठेर से होता हुआ डींगरपुर तक फैल गया था। पहले असालतनगर बघा के सामने मुरादाबाद संभल रोड विरोध स्वरूप हंगामा हुआ और उसके मैनाठेर कोतवाली परिसर में पुलिस जीप फूंक दी गई थी और पत्थर बाजी भी हुई थी। अब मैनाठेर कोतवाली के मुख्य गेट हमेशा बंद नजर आता है जोकि पहले खुला रहता है। इसके बाद डींगरपुर में पुलिस चौकी में आगजीन हुई थी जिससे पुलिस चौकी पूरी तरह से तहस नहस हो गई थी। साथ ही डीआईजी पर जानलेवा हमले के अलावा पुलिस और पीएसी कर्मियों पर भी हमला हुआ था। वाहनों में फोड़तोड़ भी की गई थी। बवाल के दौरान तीन किलोमीटर के दायरे में पूरी तरह से अराजकता का माहौल नजर आया था।



सजा पाए दोषियों के घर जुटे रहे रिश्तेदार

कुंदरकी। मैनाठेर बवाल में आजीवन कारावास की सजा पाने दोषियों के घरों पर उदासी और गम का माहौल रहा। सगे संबंधी और रिश्तेदार दिलासा देते नजर आए। जेल में बंद दोषियों में अधिकांश ट्रक चालक हैं।
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