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Moradabad News: जितनी लंबी बेल्ट उतनी लंबी बीमारियों की लिस्ट

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मुरादाबाद। देखने में तंदुरुस्त लगने वाले हरथला काॅलोनी निवासी बिजलीकर्मी शिव प्रकाश (45) को बुधवार सुबह अचानक सीने में तेज दर्द हुआ। 15 मिनट तक दर्द बंद नहीं हुआ तो परिजन उन्हें डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने कहा कि उनका बीपी 150 से ऊपर है। जांच के बाद पाया गया कि पिछले तीन माह में बीपी कभी 135-140 से नीचे नहीं गया।
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मामूली बेचैनी, नींद की कमी के अलावा शिव प्रकाश को कोई लक्षण भी महसूस नहीं हुआ। अब डॉक्टर का कहना है कि उन्हें बीपी की एक गोली रोजाना खानी होगी। उनका वजन 91 किलो और लंबाई 5 फीट 10 इंच है। इसके मुताबिक उनका वजन 75 किलो होना चाहिए। डॉक्टरों का कहना है यदि कि आपकी बेल्ट 36 और बीएमआई 25 से ऊपर है तो जरा सावधान हो जाइए। जितनी लंबी बेल्ट होगी, बीमारियों की लिस्ट भी उतनी ही लंबी होने का खतरा है।
मुरादाबाद में एसोसिएशन ऑफ फिजीशियंस के मुताबिक दो माह में ऐसे 39000 से ज्यादा मरीज आए हैं, जिनका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 25 से ऊपर है। वहीं लगभग 6000 मरीज ऐसे हैं जिनका जिनका बीएमआई 35 से भी ऊपर है। इन्हें भविष्य में दिल व किडनी की गंभीर बीमारियों का खतरा है। इन्हेें वजन करने के लिए सर्जरी की जरूरत बताई गई है। इनमें शहर के बड़े निर्यातक से लेकर बिजली विभाग के कर्मचारी तक शामिल हैं। डॉक्टरों का कहना है कि फैट तोंद के रूप में एकत्र होने लगे, तभी बीमारियों का खतरा शुरू हो जाता है। शुगर, बीपी होने के बाद हार्ट की बीमारियों को रोकना बहुत मुश्किल है।
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हादसे के बाद बढ़ गया वजन
हरथला निवासी जुबैर आलम (44) फलों के व्यापारी हैं। पहले वह रोजाना सुबह जॉगिंग करते थे। एक साल पहले स्कूटी से एक्सीडेंट हुआ। उसके बाद तीन महीने बेड रेस्ट पर रहे और जॉगिंग करना भी छूट गया। अब उनका वजन 88 किलो हो चुका है। सांस फूलना, बार्डर लाइन शुगर और थायराइड उनकी समस्याएं हैं। डॉक्टर ने उन्हें सलाह दी है कि रोजाना जॉगिंग शुरू करें। वरना थायराइड के कारण वजन बढ़ता ही जाएगा।

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सर्जरी के बाद बढ़ी परेशानी
आशियाना निवासी दिनेश प्रताप सिंह (58) की दो साल पहले बैरियाट्रिक सर्जरी हुई थी। सर्जरी के बाद उनका वजन 119 किलो से 78 किलोग्राम पर आ गया। पिछले छह माह से उनका वजन फिर तेजी से बढ़ रहा है। वह 90 किलो के हो चुके हैं। डॉक्टर का कहना है कि खाना नहीं पचता है। पैरों पर सूजन रहती है और अंदर इंफेक्शन पनप रहा है। भारी दवाओं के सहारे उनकी दिनचर्या चल रही है।

पेट की ज्यादा चर्बी से होने वाली बीमारियां

- हृदय रोग
- स्ट्रोक

- टाइप-2 मधुमेह

- हाइपरटेंशन
- हाई कोलेस्ट्रॉल
- गुर्दे और पित्ताशय की बीमारी

- गठिया
- डिप्रेशन
- कई प्रकार के कैंसर

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मेरे पास ऐसे कई मरीज हैं, जिनमें ज्यादा वजन ही बीमारी की वजह है। यह मरीज दवाएं तो लगातार खा रहे हैं लेकिन शारीरिक श्रम के लिए तैयार नहीं हैं। जिम भी जाते हैं तो एसी चलाकर कसरत करते हैं। लगातार बढ़ता मोटापा युवाओं को हार्ट अटैक और स्ट्रोक दे रहा है।
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- डॉ. सौभाग्य मिश्रा, जनरल फिजीशियन
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