मुरादाबाद। वर्ष 2019 का आखिरी सूर्यग्रहण 26 दिसंबर को होगा। मातारानी मंदिर लाइनपार के महंत नवल स्वरूप अवस्थी का कहना है कि ग्रहण सुबह 8 बजकर 17 मिनट से आरंभ होकर नौ बजकर 36 मिनट तक मध्य रहेगा। 10 बजकर57 तक भारत में दिखाई देगा। दोपहर एक बजकर 36 मिनट तक बाहरी देशों में दिखाई देगा। सूर्य ग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले से शुरू हो जाता है। इस ग्रहण का सूतक 25 दिसंबर को रात आठ बजकर 17 मिनट पर शुरू हो जाएगा। इसकी समाप्ति 26 दिसंबर दोपहर एक बजकर 36 मिनट पर होगी। इस समय सभी मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे। यह सूर्य ग्रहण अफगानिस्तान, पाकिस्तान, भारत, चीन और पूर्वी एशिया के बड़े हिस्से में दिखाई देगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेंद्र शर्मा का कहना है कि गुरुवार को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण पौष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को लगने जा रहा ये वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। ऐसे में की ग्रहण के बाद प्राकृतिक आपदा जैसे भूकंप, सुनामी और खूब बर्फबारी होने की आशंका बनी रहती है। सूर्य ग्रहण ग्रहों की स्थिति के अनुसार पिछले कई दशकों में लगे ग्रहणों से भिन्न है। ग्रहण के समय छह ग्रह सूर्य, चन्द्रमा, गुरु, शनि और बुध की युति धनु राशि में केतु के साथ होगी। 5 फरवरी 1962 के पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय मकर राशि में सभी सात ग्रह केतु के साथ उपस्थित थे। करीब 58 साल बाद लगने जा रहा है।
सूर्य ग्रहण के दौरान सावधानियां
- गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए इस अवधि में चाकूए छुरी या तेज धार वाली वस्तुओं का प्रयोग न करें
- सूर्य ग्रहण को आंखों पर बिना किसी सुरक्षा के नहीं देखना चाहिए।
- ग्रहण के दौरान भोजन और पानी का सेवन न करें।
- ग्रहण के दौरान आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ कर सकते हैं।
- ग्रहण के बुरे प्रभावों से बचने के लिये महा मृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
नहीं देख सकेंगे यह नजारा
जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक मनोज प्रभाकर का कहना है कि हमारे क्षेत्र में सूर्य ग्रहण ज्यादा देर तक नहीं है। मुरादाबाद में इसका असर नहीं है। इसलिए विभाग ने इस तरह का कार्यक्रम नहीं रखा है। यदि मुरादाबाद में ग्रहण दिखाई देता है तो व्यवस्था की जाएगी।
अंगीठी की तरह नजर आएगा सूर्य
केजीके कालेज के भूगोल विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है तो सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर नहीं आ पाता है। इस वजह से सूर्य ग्रहण होता है। 26 दिसंबर को वलयकार ग्रहण है, जिसमें सूर्य एक आग की अंगीठी की तरह नजर आएगा। इस ग्रहण को भारत समेत श्रीलंका, सऊदी अरब, सुमात्रा, बोर्नियो में देखा जा सकेगा। भूगोल के अनुसार यह खगोलीय घटना है। इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। आगामी सूर्य ग्रहण 21 जून 2020 को आएगा। कर्नाटक, केरल और तमिलनाडू में पूर्ण रूप से और उत्तर भारत में यह आंशिक रूप से दिखाई देगा।