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Moradabad News: ट्रांसफार्मर चोरी के लिए भाई को फर्जी जेई बनाकर ले जाता था सरगना

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मुरादाबाद। अमरोहा निवासी गिरोह का सरगना सतपाल बिजली विभाग में वर्षों से ठेकेदारी कर रहा है। उसे तार और ट्रांसफार्मर खंभों से उतारने और चढ़ाने की पूरी जानकारी है। वह ठेकेदारी की आड़ में अंतरराज्यीय गिरोह चला रहा था। ट्रांसफार्मर और तार चोरी के दाैरान वह आईटीआई पास अपने छोटे भाई को फर्जी जेई बनाकर ले जाता था।
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अमरोहा जनपद के नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के अकबरपुर पट्टी निवासी सतपाल ने अमरोहा के बंबूगढ़-जोया रोड पर अपना गोदाम बना रखा है। वह बिजली लाइन खींचने और ट्रांसफार्मर लगाने का ठेका लेता है। इस ठेकेदारी की आड़ में उसने चोरी शुरू कर दी। आरोपी रेकी करके यह तय करते थे कि कहां से ट्रांसफार्मर चोरी किया जा सकता है। उसके बाद माैके पर आरोपी नीरज कार में सवार होकर जाता था। बाकी आरोपी क्रेन और पिकअप वाहन लेकर जाते थे।
नीरज माैके पर जेई बनकर फाइल लेकर खड़ा हो जाता और निर्देश देता रहता था। अगर आता तो सब नीरज को जेई साहब बोलकर बातचीत शुरू कर देते और लोगों को बताते कि ट्रांसफार्मर खराब हो गया है। नया ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। इसके बाद ट्रांसफार्मर को उठाकर गोदाम में रख देते थे। सलीम और बंटी ट्रांसफार्मर खोलने के एक्सपर्ट हैं। दोनों ट्रांसफार्मर के पुर्जे अलग कर देते थे। इसके बाद सतपाल और नीरज पुर्जे असलम कबाड़ी को बेच देते थे। पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह कई साल से सक्रिय था।
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इसलिए बचता रहा गिरोह
ट्रांसफार्मर और बिजली के तार चोरी के मामले दूसरे जनपदों में बिजली थानों में दर्ज किए गए थे। वहां की पुलिस इन पर विशेष काम नहीं कर पा रही थी। मुरादाबाद में ट्रांसफार्मर चोरी हुआ तो सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज किया गया। हालांकि, यहां भी बिजली थाने में ही केस दर्ज करने की कोशिश की गई थी। ट्रांसफार्मर की चोरी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय के पास हुई थी इसलिए पुलिस ने तेजी से काम किया और सफलता मिल गई।
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