मुरादाबाद। मंडल के मनोरंजन सदन में शुक्रवार को लोको एवं ट्रैफिक रनिंग स्टाफ की कॉन्फ्रेंस में कर्मचारियों की समस्याएं प्रमुखता से उठाई गईं। नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन (नरमू) की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में रनिंग स्टाफ ने ड्यूटी के दबाव, वेतन विसंगतियों और सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।
मुख्य अतिथि के रूप में एआईआरएफ और नरमू के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के तौर पर डीआरएम विनीता श्रीवास्तव, सीनियर डीओएम आदित्य गुप्ता भी पहुंचे। सम्मेलन में करीब 450 रनिंग कर्मचारियों ने भाग लिया। मंच से 15 से अधिक कर्मचारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए 30 सूत्रीय प्रस्ताव रखा।
इसमें सबसे प्रमुख मांग आठवें वेतन आयोग में रनिंग कर्मचारियों को ग्रेड पे 5400 तक बढ़ाने, माइलेज दर में 25 प्रतिशत वृद्धि और उसकी गणना आरएसी कमेटी की सिफारिशों के अनुसार करने की रही। कर्मचारियों ने ड्यूटी के अत्यधिक दबाव और अनियमित शेड्यूल पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि लगातार लंबी ड्यूटी और पर्याप्त विश्राम न मिलने से मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ रहा है।
साप्ताहिक 48 घंटे का अवकाश और 36 घंटे के भीतर मुख्यालय वापसी सुनिश्चित करने की मांग भी जोर-शोर से उठी। रनिंग रूम में अपर्याप्त सुविधाएं, सेफ्टी से जुड़े गंभीर मुद्दे, रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग भी प्रस्ताव में शामिल रही। कर्मचारियों ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में कई स्तरों पर शोषण की स्थिति बनी हुई है, जिसे तुरंत सुधारने की जरूरत है।
मुख्य अतिथि शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि रनिंग स्टाफ रेलवे की रीढ़ है और उनके अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी मांगों को आठवें वेतन आयोग के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा। डीआरएम विनीता श्रीवास्तव ने भी कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया।
सम्मेलन में एआईआरएफ की राष्ट्रीय महिला संयोजक प्रवीणा सिंह, केंद्रीय उपाध्यक्ष एमपी चौबे, मंडल मंत्री राजेश चौबे, मंडल अध्यक्ष मनोज शर्मा, सहायक मंडल मंत्री सुहेल खालिद समेत अन्य पदाधिकारियों ने भी एकजुट होकर संघर्ष तेज करने पर जोर दिया।