मुरादाबाद। विधानसभा सत्र के दौरान शुक्रवार को कांठ से सपा विधायक कमाल अख्तर ने मुरादाबाद में सरकारी मेडिकल काॅलेज न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज न होने से गंभीर मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल पाता है। निजी मेडिकल काॅलेजों की हालत बहुत खराब है।
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों अमर उजाला ने भी मुरादाबाद में मेडिकल काॅलेज न होने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। मेडिकल काॅलेज के अभाव में हो रही माैतों पर लगातार खबरें प्रकाशित की थीं। अब कांठ विधायक ने भी इसी मुद्दे को सदन में उठाया।
विधायक ने कहा कि सरकार ने स्वास्थ्य पर भारी भरकम बजट पेश किया लेकिन हकीकत में यह बजट धरातल पर नहीं है। अस्पतालों में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। वह निजी अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं। विधायक ने आयुष्मान कार्ड पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कार्ड मरीजों के साथ एक धोखा है। बहुत से अस्पताल तो आयुष्मान कार्ड से इलाज करने से मना कर देते हैं।
उन्होंने मुरादाबाद में एक मेडिकल कॉलेज की जरूरत बताते हुए जल्द से जल्द सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना कराने की मांग की। विधायक ने सरकारी अस्पतालों में मानक के अनुसार चिकित्सकों और स्टाफ की नियुक्ति करने की मांग भी उठाई।
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कुंदरकी विधायक ने भी क्षेत्र के विकास का मुद्दा उठाया
कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह ने भी शुक्रवार को सदन में क्षेत्र के विकास का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा उपचुनाव से पहले कुंदरकी क्षेत्र के विकास के लिए 250 करोड़ रुपये दिए थे लेकिन पिछड़ा क्षेत्र होने के कारण अभी कुंदरकी विधानसभा में बहुत से कार्य होने बाकी हैं। विधायक ने ग्राम डींगरपुर और सिरसखेड़ा में राजकीय डिग्री कॉलेज, ग्राम लालाटीकर और सरकड़ा खास में राजकीय इंटर कॉलेज, ग्राम लालटीकर, परशुपुरा बाजे और हुसैनपुर चिरावली में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 40 गांवों की आबादी के बीच 11 हजार केवीए की विद्युत लाइन, कोसी नदी पर अस्थायी बांध व ग्राम फिरोजपुर और जैतिया सादुल्लापुर के मध्य गागन नदी पर पुल के निर्माण का मुद्दा उठाया।