मुरादाबाद। त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल मंगलवार की शाम पांच बजे खत्म हो जाएगा। प्रदेश शासन सोमवार को नई व्यवस्था से संबंधित कोई आदेश जारी कर सकता है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक शासन के पास तीन तरह के प्रस्ताव भेजे गए हैं। पहला मौजूदा प्रधानों की अध्यक्षता वाली तीन या छह सदस्यीय समिति को संचालन के अधिकार दिए, दूसरा एडीओ (पंचायत) को प्रशासक बनाया जाए और तीसरा पंचायत सचिव, पंचायत सहायक और प्रधान को शामिल करते हुए समिति बनाई जाए। शासन किस प्रस्ताव पर मुहर लगाता है, सभी की निगाहें इस पर टिकी हुई हैं।
मुरादाबाद जिले की सभी 643 ग्राम पंचायतों में अभी 15वें वित्त आयोग एवं पांचवें वित्त आयोग के करीब आठ करोड़ रुपये बकाया है, जिनके कार्य चल रहे हैं लेकिन उनके पूरा होने से पहले ही ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कार्य पूरा हो रहा है। मंगलवार को प्रधानी के कार्यकाल का अंतिम दिन है। इसके बाद बुधवार से भी ग्राम प्रधान तत्कालीन प्रधान हो जाएंगे। इन दिनों सभी की नजरें शासन की अगली व्यवस्था पर टिकी हैं, जिसके जरिये चुनाव होने तक ग्राम पंचायतों का संचालन किया जाना है।
पांच दिन पहले तक अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन ने भी लखनऊ में धरना देकर प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने या प्रधानों की अध्यक्षता वाली समिति को पंचायत संचालन का अधिकार देने की पुरजोर मांग उठाई थी लेकिन अभी तक शासन ने अभी तक कोई शासनादेश जारी नहीं किया है। अब समय खत्म हो चुका है, सिर्फ सोमवार का दिन ही शेष है। उम्मीद की जा रही है कि शासन सोमवार की शाम तक कोई न कोई निर्णय ले लेगा।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक शासन के पास तीन प्रस्ताव भेजे गए हैं, जिन पर शासन को निर्णय लेना है। यदि सरकार राजस्थान मॉडल को अपनाते हुए मौजूदा प्रधानों की अध्यक्षता वाली समिति को पंचायतों के संचालन का अधिकार देती है, फिर भी वित्तीय अधिकार तो अधिकारियों के हाथों में आ ही जाएंगे। एक व्यवस्था पंचायत सचिव, पंचायत सहायक और ग्राम प्रधान की तीन सदस्यीय समिति की भी हो सकती है।