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सरकार को तो निजी कंपनियां चला रही हैं, किसी पार्टी की सरकार होती तो कृषि कानून वापस हो गए होते

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मुरादाबाद। मुरादाबाद पहुंचे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने प्रेसवार्ता में कहा कि केंद्र में किसी पार्टी की सरकार होती तो अब तक कृषि कानून वापस हो जाते, लेकिन इस सरकार को तो कंपनियां चला रही हैं। कंपनियों के नफा-नुकसान को देेखकर ही फैसले होते हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई से लोग परेशान हैं। वे वक्त आने पर सरकार को इसका जवाब देंगे।
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टिकैत पीलीभीत सहित कई जिलों का दौरा करते हुए गुरुवार शाम करीब सवा पांच बजे मूंढापांडे टोल प्लाजा पहुंचे। यहां आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई से लोग परेशान हैं। बारिश नहीं हुई है। खेत सूख रहे हैं। इंजन से सिंचाई करनी पड़ रही है, लेकिन डीजल की महंगाई से किसान की कमर टूट गई है। वहीं, इस तरफ सरकार का कोई ध्यान नहीं है। सरकार को किसानों की नहीं बल्कि कंपनियों की चिंता है, तभी तो आठ महीने से दिल्ली में धरने पर बैठे किसानों की सुुध सरकार ने नहीं ली। उन्होंने कहा कि निजी कंपनियों के नफा-नुकसान के चलते केंद्र सरकार कृषि कानून लागू करने की जिद पर अड़ी है। वहीं, किसान भी नए कृषि कानूनों की वापसी तक धरने को खत्म करने के मूड में नहीं है।
पूरे देश का दौरा ले रहे जमीनी हकीकत का जायजा
टिकैत ने कहा कि वह देश भर का दौरा कर जमीनी हकीकत का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने बरेली, पीलीभीत, रामपुर, मुरादाबाद में दौरा कर किसानों का हाल जाना। किसान महंगाई से परेशान है। खेती का खर्चा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वे अभी कई राज्यों में जाकर दौरा करेंगे और किसानों का हाल जानेंगे।
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आंदोलन लंबा चलेगा, दबाव भी बनेगा, शांतिपूर्वक ढंग से मजबूती से धरने पर डटे रहो
मुरादाबाद। कृषि कानूनों की वापसी का आंदोलन लंबा चल सकता है। अधिकारी और पुलिस दबाव भी बनाएंगे। ये उनकी ड्यूटी है, लेकिन हमें डरना नहीं हे। शांतिपूर्वक ढंग से धरना चलाते रहे। एकजुटता से लगे रहें, एक दिन सरकार को कृषि कानून वापस लेने होंगे।
मूंढापांडे टोल प्लाजा के निकट चल रहे भाकियू के धरने पर आम दिनों में 10-15 किसान भी बैठते हैं, लेकिन बृहस्पतिवार को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आने की सूचना पर आसपास के कई गांवों के ग्रामीण धरना स्थल पर पहुंच गए। वहीं, टिकैत को दोपहर तीन बजे धरनास्थल पर पहुंचना था, लेकिन देरी के चलते वे सवा पांच बजे मूंढापांडे टोल प्लाजा पहुंचे और धरना स्थल पर रखे तख्त पर जाकर बैठ गए। धरने पर बैठे भाकियू कार्यकर्ताओं से पूछा कि कोई दिक्कत तो नहीं हो रही है। टिकैत ने कार्यकर्ताओं से कहा कि कृषि कानूनों की वापसी को लेकर केंद्र सरकार का अड़ियल रवैया देख लगता है कि यह आंदोलन लंबा चलेगा। लेकिन हम अपने हक और अधिकार के लिए लड़ रहे हैं। न्याय लेकर ही रहेंगे इसलिए मजबूती के साथ आंदोलन में डटे रहें। एकजुटता बनाए रखें। शांतिपूर्ण ढंग से अपना धरना जारी रखें ।
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