फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उद्योगपतियों के इशारों पर चल रही सरकार, एमएसपी तक जारी रहेगा आंदोलन : राकेश टिकैत

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। भाकियू (टिकैत) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बुधवार को आंबेडकर पार्क में आयोजित किसान महापंचायत में केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसानों की लड़ाई अब खेत-खलिहान तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि संसद और विधानसभाओं तक पहुंचेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानून नहीं बनेगा और किसानों को उनकी फसलों का दाम सुनिश्चित नहीं होगा तब तक आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
विज्ञापन

राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार उद्योगपतियों के दबाव में कृषि नीतियां बना रही है। किसानों की जमीन छीनने की तैयारी चल रही है। गन्ने का भुगतान समय पर नहीं हो रहा है और महंगाई ने किसानों की कमर तोड़ दी है। सरकार की नीतियां किसानों के खिलाफ खतरनाक हैं जिससे किसान खेती छोड़ने पर मजबूर हो जाए।भाकियू नेता ने कहा कि आज भी किसानों को गन्ने का उचित दाम नहीं मिल रहा। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने का वादा किया गया था लेकिन कास्ट और 50 प्रतिशत लाभ का फार्मूला अब तक कागजों में दबा है। महापंचायत में टिकैत ने कहा कि सरकार लगातार बढ़ती युवाओं की बेरोजगारी पर ध्यान नहीं दे रही।
उन्होंने धान की खरीद व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। कहा कि बिहार का धान 800 रुपये क्विंटल आकर यहां की मंडियों में बिक रहा है। जब शाहजहांपुर, रामपुर, मुरादाबाद और तराई के क्षेत्रों में धान का उत्पादन ही खत्म हो जाता है तब भी मंडियों में धान की खरीद जारी रहती है। सवाल यह है कि यह धान आखिर आता कहां से है।
विज्ञापन

महापंचायत में किसानों ने किसान एकता जिंदाबाद के नारे भी लगाए। टिकैत ने किसानों से कहा कि संगठित होकर संघर्ष करते रहो। सरकार अगर किसानों की मांगों को गंभीरता से नहीं मानती तो आंदोलन का स्वरूप और बड़ा होगा। किसानों को अपनी जमीन बचाने और हक के लिए संसद तक लड़ाई लड़नी होगी। महापंचायत में मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा, संभल और रामपुर से किसान बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
00


- खुद ट्रैक्टर चलाकर पहुंचे टिकैत, किसानों के बीच बैठे
चौधरी चरण सिंह चौक पर महानगर अध्यक्ष पंकज चौधरी, मनोज चौधरी समेत कई पदाधिकारियों ने राकेश टिकैत का स्वागत किया। यहीं से राकेश टिकैत ट्रैक्टर पर सवार होकर अंबेडकर पार्क तक पहुंचे। मंच पर भीड़ बढ़ी तो वह खुद किसानों के बीच सभा में बैठ गए और खुद व्यवस्था बनाई। किसानों के अनुरोध पर वह मंच पर गए और फिर अपनी बात रखी।
00


- आजम को दी चुप रहने की सलाह
महापंचायत को संबोधित करने से पहले राकेश टिकैत ने मीडिया के साथ बातचीत की और आजम खां को चुप रहने की सलाह दी। उन्होंने आजम की रिहाई पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह 23 महीने के बाद बाहर आए हैं। उन्हें फिलहाल संयम से काम लेना चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि भाजपा सरकार उन पर दोबारा मुकदमे दर्ज कर सकती है। टिकैत ने कहा कि यह सरकार बहुत खतरनाक है। भाजपा चाहती है कि आजम जेल में ही रहें। टिकैत ने सलाह दी कि आजम को बेहद खामोशी से वक्त गुजारना चाहिए और सही समय आने पर ही अपनी बात रखनी चाहिए।

00
- सौंपा गया ज्ञापन
राष्ट्रीय प्रवक्ता के संबोधन के बाद जिलाध्यक्ष घनेंद्र शर्मा के नेतृत्व में विभिन्न मांगों को लेकर डीएम को संबोधित ज्ञापन मौके पर मौजूद अधिकारियों को सौंपा गया। ज्ञापन में बाढ़ग्रस्त इलाकों में खराब हुई फसलों पर मुआवजा दिलाने, शुगर मिलों से बकाया भुगतान कराने, पानी की पाइपलाइन से खराब हुई सड़कों की मरम्मत कराने, रिंग रोड पर अंडरपास का निर्माण कराने और स्मार्ट बिजली मीटर न लगाने समेत कई मांगें शामिल थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें