कोरोना जैसी महामारी की दहशत के बीच एक अच्छी खबर भी है। जीवन रक्षक दवाओं का संकट टालने के लिए शासन ने ठोस कदम उठाए हैं। जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति किसी भी कीमत पर नहीं रोकी जाएगी। इसके लिए दवा बनाने वाली कंपनियों को आदेश जारी कर दिए हैं।
दवाओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों के लिए भी पास जारी हो गए हैं। गजरौला की जुबिलेंट और रामपुर की रेडिको कंपनियां सैनिटाइजर बनाएंगी और प्रदेश में सप्लाई देंगी।
दवाएं बनाने के लिए अधिकतर कच्चा माल चीन से आता है। पिछले दो महीने से कच्चे माल की आपूर्ति बाधित हैं। कंपनियों में कच्चे माल की कमी से दवाओं का उत्पादन कम हो गया है। मुरादाबाद जिले में तीन हजार से अधिक मेडिकल स्टोर और चार करोड़ रुपये की दवाओं की रोजाना खपत है।
जनता कर्फ्यू के बाद से दवाओं की सप्लाई चेन टूटने से दवाओं की मारामारी हो गई है। सर्दी, जुकाम, बुखार, दर्द एंटीबायोटिक दवाओं से स्टोर खाली होने लगे हैं। मास्क, सैनिटाइजर और ग्लब्ज पहले से ही बाजार से गायब हैं।