एक बार फिर शिक्षा माफिया के आगे सिस्टम बौना साबित हो गया। यह हम नहीं कह रहे बल्कि यूपी बोर्ड की परीक्षा में फर्जी प्रवेशपत्र से एक छात्रा को इम्तिहान दिलाए जाने के खुलासे के साथ सामने आए हालात कह रहे हैं।
कुंदरकी (मुरादाबाद) क्षेत्र में मोहन तख्तपुर स्थित जेआर पब्लिक स्कूल की छात्रा को गलत तरीके से सैफनी (रामपुर) क्षेत्र के छितौनी गांव स्थित अब्दुल वहीद मुस्लिम इंटर कॉलेज में परीक्षा दिलाई जाती रही और स्थानीय चेकिंग दल को इसकी भनक तक नहीं लगी। लखनऊ से संदेश मिलने के बाद शनिवार को स्थानीय स्तर पर छापामारी की गई तो अनुपस्थित छात्रा के स्थान पर फर्जी प्रवेश पत्र से दूसरी छात्रा को परीक्षा दिलाए जाने का मामला सामने आया।
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं बिना किसी अनियमितता के कराने के लिए जिले में 77 केंद्र व्यवस्थापक, 77 वाह्य केंद्र व्यवस्थापक के अलावा शिक्षा विभाग के 06 सचल दल, 13 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 77 स्टेटिक मजिस्ट्रेट समेत अफसरों और कर्मचारियों की बड़ी टीमों का गठन किया गया था। इन सबके बावजूद कुंदरकी क्षेत्र की हाईस्कूल की छात्रा को न सिर्फ गलत तरीके से सैफनी क्षेत्र के परीक्षा केंद्र की परीक्षाओं में शामिल कराने में शिक्षा माफिया कामयाब रहा, बल्कि छात्रा द्वारा चार इम्तिहान देने तक भी इस बड़े खेल को नहीं पकड़ा जा सका।
शनिवार को छापा मारकर ऐसा मामला पकड़ने के बाद डीआईओएस मुनेश कुमार ने बताया था कि यह कार्रवाई लखनऊ से जानकारी मिलने के बाद की गई है। डीआईओएस ने यह भी बताया था कि जिस प्रवेशपत्र के सहारे छात्रा को परीक्षा में शामिल कराया गया था उस पर लगा फोटो धुंधला था और माता-पिता का नाम गलत था। इसके बावजूद शिक्षा माफिया की मनमानी स्थानीय स्तर से पकड़ में न आने से पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं।