बिलारी। मादा तेंदुआ बृहस्पतिवार तड़के करीब तीन बजे अपने तीनों शावकों को धनुपुरा तुरखेड़ा के जंगल से ले गई। बृहस्पतिवार को पूरे दिन वन विभाग की टीम ने पांच किलो मीटर के आसपास के जंगल में कांबिंग की लेकिन तेंदुए का पता नहीं चल पाया। वन विभाग के अनुसार मादा तेंदुआ शावकों को लेकर चली गई है।
बीते मंगलवार की शाम धनुपुरा तुरखेड़ा गांव किसान अरविंद सिंह के खेत में गन्ने की छिलाई करते समय मजदूरों ने तेंदुए के शावकों की आवाज सुनी थी। वन विभाग की टीम ने तीन शावकों के होने की पुष्टि की थी। मंगलवार रात मादा तेंदुआ अपने शावकों के पास तो आई लेकिन किसी वजह से उन्हें अपने साथ लेकर नहीं गई थी।
बुधवार को दिन भर वन विभाग की टीम संबंधित इलाके में कांबिंग करती रही। बुधवार रात को वन विभाग ने संबंधित इलाके में शावकों के रुके होने के स्थान को फोकस करते हुए सीसीटीवी कैमरे लगा दिए। बृहस्पतिवार सुबह वन विभाग के कर्मी पहले उस स्थान पर पहुंचे जहां गन्ने के पत्तों के बीच तेंदुए के तीनों शावक थे। शावक न मिलने पर आसपास में लगे कैमरों की फुटेज देखी गई जिससे पता चला कि बुधवार की रात तीन बजे से साढ़े तीन बजे के बीच मादा तेंदुआ एक-एक करके अपने तीनों शावकों को ले गई। बिलारी रेंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी रिजुल कंसल ने मादा तेंदुए द्वारा अपने तीनों शावकों को ले जाने की पुष्टि की है। क्षेत्रीय वन अधिकारी ने बताया कि यह स्पष्ट हो गया है कि तीनों शावक मादा तेंदुआ के पास सुरक्षित हैं। आसपास के पांच किमी इलाके में बृहस्पतिवार को कांबिंग करने के बाद भी उनकी कोई जानकारी नहीं मिली।
फिलहाल क्षेत्र के लोगों से अपील की कि वह अकेले खेतों पर न जाएं। रात में खुले में चारपाई पर न सोएं और स्कूली बच्चों को अकेले स्कूल न भेजें। मादा तेंदुए का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। जैसे ही सही लोकेशन मिल जाएगी तब विभागीय अधिकारियों की अनुमति लेने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।