मुरादाबाद। शुक्रवार को संविदा कर्मचारी रवि की मौत को बिजली अफसर हार्टअटैक बताते रहे। रवि बिजली लाइन पर आईं पेड़ की शाखाओं की छंटाई करते वक्त गिरा था। हादसे के बाद बिजली अफसर कहते रहे कि पेड़ के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन बंद थी। करंट लग ही नहीं सकता। शनिवार की दोपहर को जब रवि के शव का पोस्टमार्टम हुआ तो उसमें करंट से मौत की पुष्टि हुई है। अब बिजली अफसर कह रहे हैं कि शटडाउन के बावजूद लाइन में करंट कैसे आया इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बना दी गई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ लिखा है कि रवि को दो बार करंट लगा था। रिपोर्ट सामने आने के बाद संविदा कर्मचारी और गुस्सा गए। रवि का शव एंबुलेंस से मुख्य अभियंता कार्यालय पर लेकर पहुंच गए। इनका कहना था कि बिजली वाले भ्रमित करते रहे। करंट लगा था और दिल का दौरा बताते रहे। किसी तरह अफसरों ने कर्मचारियों को शांत किया। भरोसा दिलाया कि तीन दिन के भीतर परिवार को 10 लाख का मुआवजा मिल जाएगा। साथ ही नौकरी के लिए नियमानुसार प्रयास करेंगे। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि मृतक के पिता की ओर से तहरीर मिली है। जिसमें अधिशासी अभियंता, जेई, एसडीओ और टीजीटू पर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। कटघर थाने की पुलिस इस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई करेगी।
यह है पूरा मामला
शुक्रवार को कटघर के डबल फाटक निवासी संविदा कर्मी रवि सैनी अपने अन्य साथियों के साथ पीतल नगरी बिजलीघर क्षेत्र में बिजली के तारों के पास पेड़ों की छंटाई कर रहा था। इसी दौरान उसे बिजली का झटका लगा और वह पेड़ पर ही गिर गया। साथी कर्मचारी उसे कांठ रोड स्थित निजी अस्पताल में ले गए जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुख्य अभियंता अशोक चौरसिया ने कहा था कि उन्हें मिली रिपोर्ट के मुताबिक रवि पहले से हार्ट की बीमारी से पीड़ित था। उसकी मौत हार्ट अटैक या अन्य बीमारी से हुई है। लाइन बंद थी इसलिए करंट आने का सवाल ही नहीं।
घटना के समय बिजलीघर शटडाउन पर था। 10 हजार घरों की सप्लाई बंद थी। इसके बावजूद करंट कैसे आया, इसकी जांच की जा रही है। संविदा कर्मियों से नियम विरुद्ध कोई कार्य नहीं कराया जा रहा है।
विकासदीप, अधिशासी अभियंता