बहजोई(संभल)। कर्मयोग, स्वाधीनता एवं विकसित भारत विचार गोष्ठी में अतिथियों ने श्रीमद्भागवत गीता के श्लोकों का विस्तार से बखान किया।
शनिवार को दोपहर इस्लामनगर रोड स्थित एक रिसॉर्ट में हुई विचार गोष्ठी की शुरुआत मुख्य अतिथि व एसीएस एल वेंकटेश्वर लू तथा विशिष्ट अतिथि व संस्थापक रामकृष्ण गोस्वामी ने मां सरस्वती की प्रतिमा के सामने दीप जलाकर व पुष्प अर्पित कर की।
मुख्य अतिथि ने कहा कि जिला संभल स्वयं संभलेगा व सभी को संभालेगा। इसके लिए डीएम प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्साह बड़ी चीज होती है। आजादी का आंदोलन जब शुरू हुआ था, उस समय अधिक जागरूकता नहीं थी।
विशिष्ट अतिथि ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता का कर्म विज्ञान है भारत की सुरक्षा, विकास, गौरव, सुख शांति व न्याय व्यवस्था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि न्याय व्यवस्था सबसे बड़ा मानव धर्म है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. किशनवीर शाक्य ने कहा कि सभी शिक्षक अपने विद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का लक्ष्य बनाएं। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कहा कि कर्म योगी के तहत योगी उसे कहा जाता है, जो व्यक्ति अपने लिए नहीं सिर्फ दूसरों के लिए कार्य करें।