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Moradabad News: बारिश से रातभर गुल रही शहर की बिजली, 20 कॉलोनियों में दिनभर ट्रिपिंग

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मुरादाबाद। एक रात की बारिश और तेज आंधी ने बिजली व्यवस्था की पोल खोल दी। रविवार देर रात करीब 2:30 बजे गुल हुई बिजली सोमवार सुबह आठ बजे तक लौट ही नहीं पाई। आठ घंटे तक अंधेरे में डूबे शहर ने बिजली विभाग की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। लाइनपार मंडी समिति, रामेश्वर कॉलोनी, एकता कॉलोनी, जयंतीपुर, कुंदनपुर, सूर्यनगर और मझोला समेत कई इलाके पूरी रात बेहाल रहे।
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आंधी के साथ आए झोंकों ने जगह-जगह पेड़ गिराए, लाइनों को तोड़ा और एबीसी केबल में आग तक लगा दी। नतीजा करीब तीन लाख की आबादी बिना बिजली के तड़पती रही। कांठ रोड और रामपुर रोड की कॉलोनियों में हालात और खराब रहे, जहां बिजली के साथ पानी का संकट भी गहरा गया। सुबह तक लोग पानी की एक-एक बूंद को तरसते नजर आए।
बुद्धि विहार, आशियाना, एकता विहार, नवीन नगर, कबीर नगर और दससराय में इनवर्टर जवाब दे गए। सुबह 10 बजे के बाद सप्लाई सामान्य हुई, लेकिन मानसरोवर, शास्त्री नगर और सरोवर नगर में दोपहर तक ट्रिपिंग ने लोगों की परेशानियां जारी रखीं। सहायक अभियंता का कहना है कि पेड़ गिरने और तार टूटने से फाल्ट हुए।
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लोगों से बातचीत
रात भर बच्चे गर्मी में रोते रहे। बिजली गई तो पानी भी खत्म हो गया। सुबह तक हालात इतने खराब हो गए कि पीने के पानी तक के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। हर बार यही होता है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं दिखता।

- रजत कुमार, खुशहालपुर

आंधी आई तो लगा थोड़ी देर की परेशानी होगी, लेकिन पूरी रात अंधेरे में कट गई। इनवर्टर भी जवाब दे गया। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ हालात संभालना मुश्किल हो गया। बिजली विभाग सिर्फ बहाने बनाता है, सुधार नहीं करता।

- दिनेश, लाइनपार

बिजली के साथ पानी भी चला गया। सुबह तक टंकी खाली हो गई। ऑफिस जाने की तैयारी भी नहीं हो पाई। हर बार यही समस्या दोहराई जाती है, लेकिन सिस्टम को मजबूत करने की कोई गंभीर कोशिश नजर नहीं आती।

- शुभम वर्मा, बुद्धि विहार



रात में अंधेरा और उमस ने हालत खराब कर दी। बच्चे और बुजुर्ग परेशान रहे। सुबह बिजली आई तो बार-बार ट्रिपिंग शुरू हो गई। ऐसा लगता है जैसे व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे चल रही है।

- मनी, मानसरोवर


इनवर्टर रात में ही बैठ गया और सुबह तक कोई सुनवाई नहीं हुई। शिकायत करने पर भी जवाब नहीं मिला। इतनी बड़ी आबादी को आठ घंटे तक अंधेरे में रखना लापरवाही नहीं तो और क्या है।
- सौरभ कुमार, दुर्गानगर

सुबह बिजली आई तो लगा राहत मिलेगी, लेकिन ट्रिपिंग ने परेशान कर दिया। घर के सारे काम ठप हो गए। विभाग हर बार मौसम को जिम्मेदार बताता है, लेकिन असल में तैयारी की कमी साफ दिखती है।
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- मयंक कुमार, सरोवरनगर
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