मुरादाबाद। भोजपुर थाना क्षेत्र के रानीनांगल के 92 घुमंतू जाति के संदिग्ध रोहिंग्या के मामले में जांच के लिए जिला प्रशासन से शीघ्र एक रिपोर्ट केंद्रीय चुनाव आयोग को भेजी जाएगी। इसके अलावा सहारनपुर और संबंधित डीएम को सत्यापन के लिए वोटरों के नाम सहित पत्र भेजे जाएंगे। इस मामले में बृहस्पतिवार को गांव में जाकर एलआईयू ने संदिग्ध लोगों के बारे में जानकारी हासिल की है।
रानीनांगल गांव के पूर्व ग्राम प्रधान सईदुल, अशरफ और रईस आदि ने डीएम और एसएसपी को पत्र देकर घुमंतू जाति के संदिग्ध लोगों की जांच कराने की मांग की थी। आरोप लगाया कि घुमंतू जाति के 107 संदिग्ध लोग मतदाता बन गए हैं। वोटर बनाने के लिए फर्जी प्रपत्रों का सहारा लिया गया है। एसआईआर अभियान शुरू होने पर बीएलओ ने सभी मतदाताओं को गणना प्रपत्र का वितरण कर दिया। इसमें से दस महिलाओं ने गणना प्रपत्र भर दिया लेकिन अन्य लोगों के प्रपत्र बीएलओ को नहीं मिल सके। इस मामले में डीएम अनुज सिंह ने एसडीएम सदर डॉ. राम मोहन मीणा को जांच करने के निर्देश दिए। जांच में आया कि 92 में से 10 गणना प्रपत्र भरे गए हैं। इनकी मैपिंग सहारनपुर से की गई है। रिपोर्ट के आधार पर डीएम अनुज सिंह ने पूरे प्रकरण के मामले में एक रिपोर्ट केंद्रीय चुनाव आयोग को भेजने का निर्णय लिया है। बताया कि आयोग इस मामले में आंतरिक जांच कराएगा। स्थानीय स्तर पर एलआईयू ने गांव में जाकर 92 लोगों के बारे में जानकारी इकट्ठा की है।
लगभग सभी गणना फार्म भरे गए हैं
एडीएम प्रशासन एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी संगीता गौतम ने बताया कि लगभग सभी गणना पत्र भरे गए हैं। बीएलओ ने गणना फार्मों को इकट्ठा कर लिया है। कुछ छिटपुट कमियां होगी तो उसे ठीक करा लिया जाएगा।
जिले में चल रही है गणना प्रपत्रों की स्क्रूटनी
जिले में डीएम के निर्देश पर रानीनांगल की तरह अन्य गांवों के गणना प्रपत्रों की स्क्रूटनी शुरू कर दी गई है। पता चला है कि 13 प्रतिशत की मैपिंग 2003 में गड़बड़ की गई थी। इसी वजह से कुछ लोगों को दिक्कतें पेश आई। इस मामले में बीएलओ और तहसील के कर्मचारी जांच कर रहे हैं। आशंका है कि अन्य स्थानों पर इसी प्रकार की गड़बड़ी मिल सकती है।