मुरादाबाद। पूर्व ब्लाॅक प्रमुख ललित कौशिक के खिलाफ चल रहे नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 14 जून को बहस हो सकती है। उधर ललित कौशिक ने इस मामले में अदालत द्वारा गवाह को तलब न करने पर हाईकोर्ट का सहारा लिया है।
मझोला थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने सिविल लाइंस थाने में 13 अप्रैल 2023 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें महिला ने आरोप लगाया था कि नौकरी लगवाने का झांसा देकर उसकी नाबालिग बेटी के साथ ललित कौशिक ने दुष्कर्म किया है। इस मामले की सुनवाई विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या दो शैलेंद्र कुमार वर्मा की अदालत में की जा रही है। इस मामले में आरोपी ललित कौशिक के वकील ने पिछली तारीख पर एक प्रार्थना पत्र दिया गया था। जिसमें मांग की गई थी कि अदालत उनके गवाह को तलब करें। जिस पर अभियोजन पक्ष द्वारा आपत्ति की गई थी।
अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली बृहस्पतिवार को बहस के लिए लगा दी थी। ललित कौशिक के वकील द्वारा बृहस्पतिवार को एक प्रार्थना पत्र पुनः अदालत में पेश किया गया। इसमें कहा कि गवाह को अदालत द्वारा तलब न किए जाने की वजह से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। जिसकी सुनवाई होनी शेष है। जिसके बाद ही पत्रावली पर कोई निर्णय लिया जाए। प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए अभियोजन पक्ष ने हाईकोर्ट द्वारा कोई भी स्टे न दिए जाने की बात कही। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर बहस के लिए 14 जून नियत की है।