कांठ। कांठ और छजलैट क्षेत्र में तेंदुओं का खौफ बरकरार है। जिस कारण किसान खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं। वन विभाग की टीमें क्षेत्र में भ्रमण ग्रामीणों को जागरूक करने का काम कर रही हैं। वन टीम ने कुरी रवाना से हटाकर अब चंगेरी में पिंजरा लगाया है।
कांठ तहसील क्षेत्र को वन विभाग ने पहले ही तेंदुआ बाहुल्य घोषित किया हुआ है। खादर क्षेत्र सहित अन्य स्थानों पर भी लगातार तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। कांठ के गांव मुख्त्यारपुर नवादा, गोविंदपुर ज्ञानपुर, महमूदपुर भगवानदास, महमूदपुर माफी, सिरसा, रसूलपुर गुर्जर, खलीलपुर कद्दीम, चेतरामपुर, गढ़ी, सलेमपुर, गोपालपुर, बहादरपुर खद्दर, दरियापुर, मल्लीवाला, छजलैट के फत्तेहपुर बिश्नोई, कोकरपुर, चंगेरी, कुरी रवाना, बरखेड़ा बसंतपुर उर्फ दयानाथपुर, मुंडाखेड़ी आदि गांवों के ग्रामीणों में तेंदुओं का खौफ व्याप्त है। क्षेत्र में लगातार तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। उच्चाधिकारियों ने निर्देश पर वन विभाग ने गांव खलीलपुर कद्दीम, गोविंदपुर ज्ञानपुर और कुरी रवाना में पिंजरे लगाए थे।
बुधवार को वन विभाग के डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि गांव कुरी रवाना में लगे पिंजरे को हटाकर चंगेरी में लगाया गया है।
साथ ही टीमें क्षेत्र में भ्रमण कर ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं को जागरूक कर रही हैं। इसी के साथ धार्मिक स्थलों से अनाउंसमेंट कर किसानों को खेतों पर अकेले नहीं जाने, समूह के रूप में खेतों में काम करने, बच्चों को खेतों और जंगलों में न ले जाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।