पिछले चार दिन से एक अफवाह पर डाकघरों में लड़कियों की कतारें लगी हैं। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के नाम पर ठगी का धंधा खुलेआम चल रहा है। चार दिन पहले अफवाह उड़ुी थी कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का फार्म भरने पर सरकार दो लाख रुपये देगी।
इसके बाद से डाकघरों में सुबह से लेकर रात तक कतारें लगी हैं। पोस्टआफिस में धक्का मुक्की और मारपीट तक हो रही है। ठग फार्म बेच रहे हैं और डाकघर इन फार्मों की रजिस्ट्री करते जा रहे हैं। ये जानने के बाद भी कि ऐसी कोई योजना है ही नहीं, प्रशासन खामोश है।
दो लाख रुपये के लालच में फंसी पब्लिक दो तरफा लुट रही है। ठग 20 से 100 रुपये तक में फार्म बेच रहे हैं तो डाकघर प्रति फार्म 40 रुपये रजिस्ट्री के वसूल रहा है। चार दिन पहले सोशल साइट्स पर अफवाह उड़ी थी कि चौबीस घंटे के भीतर महिला बाल विकास मंत्रालय को ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का फार्म भेजने वाली लड़कियों को केंद्र सरकार दो - दो लाख रुपये देगी।
इसके बाद शहर में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के फार्म खरीदने वालों की लाइनें लग गईं। कहीं पार्षदों ने तो कहीं भाजपा नेताओं ने 50 से 100 रुपये प्रति फार्म तक बेचकर हजारों रुपये कमाए। इसके बाद फार्म को भरकर जमा करने के लिए पोस्ट आफिसों पर लाइनें लगीं। रेलवे स्टेशन स्थित पोस्ट आफिस पर तो लड़कियां रात को दो बजे तक भी कतारों में देखी गईं।
इस खेल में ठगों को चांदी हुई है तो डाकघर ने लाखों रुपये कमा लिए। अभी तक ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के करीब 6000 फार्मों की रजिस्ट्री हो चुकी है। जिससे डाकघर को करीब 2.4 लाख रुपये का मुनाफा चार दिनों में हो चुका है। इसके अलावा ठगों ने भी प्रति फार्म 50 से 100 रुपये तक वसूलकर तीन से चार लाख रुपये कमा लिए हैं।
हैरत है कि एक अफवाह के बाद से लड़कियों को सरेआम ठगा जा रहा है, डाकघरों में कतारें लगी हैं लेकिन प्रशासन ने इस मामले में कोई एक्शन नहीं लिया है। सरकार के किसी नुमाइंदे की ओर से भी स्थिति साफ नहीं की जा रही है। ऐसे में दो लाख रुपये के लालच में फंसी लड़कियों के पैसे फार्म और रजिस्ट्री में बर्बाद हो रहे हैं।