हत्या के मामले में पिछले सात साल से जिला जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व सपा विधायक उस्मानुल हक को शुक्रवार रात अचानक बिजनौर जेल ट्रांसफर कर दिया गया। उस्मान के परिजनों को बिना किसी पूर्व सूचना के उन्हें रात नौ बजे अचानक बैरक से निकालकर बिजनौर रवाना कर दिया गया।
उस्मान पर सपा नेताओं ने आरोप लगाया था कि वह जेल की बैरक से देहात सीट के चुनाव को प्रभावित कर रहे हैं। देहात सीट से उस्मान के भाई कामरानुल हक रालोद से चुनाव लड़ रहे हैं। सपा नेताओं की शिकायत पर डीएम ने जांच कराई तो आरोप सही निकले। इसके बाद डीएम ने उस्मान को मुरादाबाद जेल से बिजनौर ट्रांसफर करने के आदेश कर दिए।
पीपलसाना निवासी व पूर्व विधायक उस्मानुल हक हिस्ट्रीशीटर मौअज्जम की हत्या में वर्ष 2009 से जिला जेल में हैं। उन्हें अदालत से उम्रकैद की सजा हुई है। देहात सीट से उस्मान के चाचा शमीमुल हक सपा के विधायक हैं। इस बार इस सीट पर उस्मान अपने भाई कामरानुल हक के लिए टिकट मांग रहे थे।
लेकिन सपा ने यहां से हाजी इकराम कुरैशी को प्रत्याशी बनाया है। जिसके बाद उस्मान ने अपने भाई कामरानुल हक को रालोद से चुनाव मैदान में उतार दिया है। सपा के साथ थे तो उस्मान को जेल में अलग से पूरी बैरक मिली थी और जेल में उनकी तूती बोलती थी।
लेकिन सपा से मुखालफत मोल लेते ही उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। सपा नेताओं ने उस्मान पर चुनाव को प्रभावित करने के आरोप लगाए और शुक्रवार को रातोंरात उन्हें बिजनौर ट्रांसफर कर दिया गया।