मुरादाबाद। हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी उल्फत हुसैन के साथ ही कई अन्य आतंकी संगठनों के सदस्य भी मुरादाबाद को अपना ठिकाना बना चुके हैं। आईएस, लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों के साथ गोधरा कांड के आतंकी भी कई साल तक पुलिस, खुफिया एजेंसियों को चमका देकर यहां रहे चुके हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने दो अक्तूबर 2023 को मुरादाबाद से आईएस के आतंकी अरशद वारसी को गिरफ्तार किया था।
इससे पहले लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी फरहान और हिजबुल के आतंकी अहमद रजा की भी यहां से गिरफ्तारी हो चुकी है। मुगलपुरा थाना क्षेत्र से 27 अक्तूबर 2017 को आईबी, एटीएस और पुलिस की संयुक्त टीम ने गोधरा कांड के आरोपी और लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य फरहान को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि उसे छह अगस्त 2007 को दिल्ली की स्पेशल टीम ने पोटा मामले में गिरफ्तार किया था।
कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई थी। 2009 में दिल्ली हाईकोर्ट से वह जमानत पर छूट गया। कोर्ट ने उसका पासपोर्ट जब्त करने के साथ विदेश जाने पर रोक लगाई थी। सिद्धार्थनगर जनपद के शोहरतगढ़ निवासी फरहान मुरादाबाद आ गया था। वह मुगलपुरा क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहा था। यहीं रहते हुए उसने ड्राइविंग लाइसेंस और राशन कार्ड बनवा लिया था।
इन दस्तावेजों से ही उसने पासपोर्ट और वीजा बनवाया और कुवैत भी गया था। इसके अलावा मूंढापांडे के मिलक गुलड़िया निवासी अहमद रजा उर्फ शाहरुख जयपुर स्थित मदरसे में पढ़ाई करने गया था। दीनी तालीम लेने के बाद वहीं मदरसे में पढ़ाने लगा था। इसी दौरान वह हिजबुल मुजाहिदीन के अनंतनाग निवासी आतंकी फिरदौस के संपर्क में आ गया था। उसने अनंतनाग जाकर हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली थी।
तीन अगस्त 2023 को एटीएस ने उसे गिरफ्तार किया था। इसके अलावा तेलंगाना में म्यांमार का रहना वाला रोहिंग्या भी पकड़ा गया था। पुलिस ने उसके पास से एक पासपोर्ट बरामद किया था। यह पासपोर्ट कांठ थाना क्षेत्र के गांव अकबरपुर चैंदरी के पते पर बनवाया था। आरोपी इसी पासपोर्ट की मदद से सऊदी अरब की यात्रा करके आया था। इस मामले में तेलंगाना पुलिस के दरोगा ने कांठ थाने में केस भी दर्ज कराया था। म्यांमार निवासी रोहिंग्या महिला फातिमा उर्फ अमीना उर्फ मोटी, उसकी बेटी रिहाना, गुलशन और अर्शी पकड़ी गई थीं। यहां आने से पहले महिला 17 साल तक मेरठ में ठिकाना बनाकर रही थी।
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गैंगस्टर दीपक बॉक्सर ने मुरादाबाद के पते पर बनवाया पासपोर्ट
लाॅरेंस विश्नोई गैंग के गैंगस्टर हरियाणा निवासी दीपक बॉक्सर ने मुरादाबाद में रवि अंतिल नाम से पासपोर्ट बनवा लिया था। उसने खुद को छजलैट के नत्था नगला गोपालपुर उर्फ कोकरपुर निवासी बताया था। दिल्ली के बिल्डर अमित गुप्ता की हत्या में शामिल रहा दीपक बॉक्सर फर्जी पासपोर्ट के जरिये ही 29 जनवरी 2023 कोलकाता से मैक्सिको भाग गया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से बॉक्सर को मैक्सिको से दबोच लिया था और उसे वापस भारत लाया गया था।