दरगाह शाह मुकम्मल साहब के सज्जादा नशीन शिबली मियां ने कहा कि यह घटना इंसानियत के ऊपर धब्बा है। आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता। जिन लोगों ने यह कायरतापूर्ण कार्य किया है, हम उसकी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना सुरक्षा की भी चूक है। सरकार को इसपर ध्यान देना चाहिए।
दरगाह सुल्तान साहब के सज्जादानशीन और खानकाही एकता मिशन के जरनल सेक्रेटरी सैयद नईम चिश्ती ने कहा कि इस अमानवीय हमले की जितनी निंदा की जाए कम है। मुस्लिम समाज ऐसी हरकतों का समर्थन कभी नहीं करता। उन्होंने देशवासियों से शांति बनाए रखने और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।
मरकजी जमीयत अहले सुन्नत के नायब सदर मुफ्ती दानिश कादरी ने कहा कि इस्लाम किसी भी निर्दोष के खिलाफ हिंसा की अनुमति नहीं देता। उन्होंने सभी से मिलकर ऐसी सोच के खिलाफ खड़ा होने की अपील की।
भारतीय सूफी फाउंडेशन के अध्यक्ष कशिश वारसी ने कहा कि देश में कौमी एकता की जड़ें मजबूत थीं, हैं और रहेंगी। उन्होंने भारत सरकार से मांग की है कि इस हमले के दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए और आतंकवाद के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
- आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता। पहलगाम में जो हुआ वह पूरी तरह निंदनीय है। कुरान के अनुसार एक निर्दोष की हत्या समस्त मानवता की हत्या के बराबर है। पहलगाम जैसी घटनाएं समाज में डर और नफरत फैलाने की साजिश हैं। हम सभी को मिलकर ऐसी सोच के खिलाफ खड़ा होना होगा, चाहे वो किसी भी धर्म या जाति से संबंधित हो।
- हकीम सैयद मासूम अली आजाद, शहर इमाम