अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव को सिंबल की जंग में पटखनी दी तो उत्साहित अखिलेश समर्थकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। रही सही कसर कसर मुलायम के बयान ने पूरी कर दी कि वह अखिलेश के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारेंगे।
मुलायम के बयान से अखिलेश समर्थक, खासकर अखिलेश की लिस्ट वाले प्रत्याशी खुशी से झूम उठे। लेकिन ये खुशी ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी। शाम होते - होते सपा और कांग्रेस के गठबंधन की खबरें आने लगीं, जिससे अखिलेश गुट के प्रत्याशियों की खुशी काफूर हो गई। प्रत्याशियों को डर है कि गठबंधन हुआ तो उनका टिकट कट सकता है।
कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन की चर्चाएं तो लंबे समय से चल रही थीं। लेकिन सपा में शुरू हुए आपसी विवाद की वजह से गठबंधन नहीं पाया था। जबकि कांग्रेस गठबंधन का मन बना चुकी थी। सूत्रों की माने तो ये ही वजह से थी कि कांग्रेस ने अंतिम समय तक अपने प्रत्याशियों की घोषणा तक नहीं की।
अब चुनाव आयोग ने अखिलेश यादव के पक्ष में फैसला चुनाव दिया तो कांग्रेस ने भी हाथ बढ़ाने में तैयार नहीं की। सूत्रों का दावा है कि गठबंधन की पूरी रूपरेखा तैयार हो चुकी है। अब बस मात्र घोषणा बाकी है।
गठबंधन की इस आहट ने मुरादबाद के सपा प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ा दी है। मुरादाबाद की सभी छह सीटों पर वर्तमान में सपा के ही विधायक हैं। अगर कांग्रेस के पाले में मुरादाबाद की दो सीटें जाती हैं तो सपा के प्रत्याशियों के लिए मुश्किल होगा।