किशोरी से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने दोषी को दस साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर तीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। संभल के हयातनगर थाना क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने 1 सितंबर 2015 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कहा कि उसकी 15 साल की बेटी को हयात नगर थाना क्षेत्र के बसला गांव निवासी विनोद बहला फुसलाकर अपने साथ अगवा कर ले गया था।
पीड़ित ने इस मामले की जानकारी आरोपी विनोद के भाई नन्नू को दी। नन्नू ने अपने भाई विनोद को फोन किया तो उसने बताया कि वह गांव सैडा में है। अगले दिन विनोद के बताए गए गांव में गए तो वहां नाबालिग बेटी और विनोद मिल गए। विनोद चुपचाप वहां से भाग गया। किशोरी ने बताया था कि विनोद ने उसके साथ दुष्कर्म किया है।
इस मामले में थाने की पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट संख्या तीन चंद्र विजयश्रीनेत की अदालत में की गई। विशेष लोक अभियोजक मनोज गुप्ता एवं अकरम खान ने बताया कि पीड़िता के बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे दस साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर तीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
गैंगस्टर को दस साल की सजा
गैंगस्टर को अदालत ने दस साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। नागफनी थाने में 25 मार्च 2009 को दरोगा विनोद कुमार गौतम ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें गुफरान पुत्र सुल्तान निवासी किसरौल थाना नागफनी को आरोपी बनाते हुए कहा था कि आरोपी अपना गैंग बनाकर अवैध रूप से भौतिक व आर्थिक धन लाभ प्राप्त करता है।
आने जाने वाले लोगों के साथ लूट की घटना को अंजाम देता है। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम ज्ञानेंद्र सिंह यादव की अदालत में की गई। राज्य सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक राजीव त्यागी ने पक्ष रखा। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर गैंगस्टर एक्ट में आरोपी गुफरान को दोषी करार देते हुए उसे दस साल के कठोर कारावास की सजा के साथ दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।