फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संभल: सौतेली मां की प्रताड़ना से दस वर्षीय मासूम चंडीगढ़ से पहुंचा गांव, पुलिस व ग्रामीणों को बताई आपबीती

Sat, 23 Apr 2022 07:09 PM IST
सुशील कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, चंदौसी/बनियाठेर 

सार

मासूम ने बताया कि उसका एक कच्चा घर बदायूं के रुदायन में है, पीपल के पेड़ के पास है। उसके चाचा का नाम प्रताप और चाची का नाम ममता है। वह भी चंडीगढ़ में ही रहते हैं।
विज्ञापन
किसान के साथ मासूम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बनियाठेर क्षेत्र में हाईवे पर बनियाखेड़ा चौराहे पर चार दिन पूर्व दस वर्षीय बच्चा घूमते हुए पहुंच गया। घर पर महिलाओं ने बच्चे से बात की तो उसकी बात सुनकर महिला भी व्यथित हो गई। मासूम ने बताया कि उसके पिता और छोटे भाई चंडीगढ़ में रहते हैं, उसकी सौतेली मां मारपीट करती है। पिता भी सौतेली मां को कुछ नहीं कहते हैं। मारपीट से तंग आकर वह ट्रेन में बैठकर चंदौसी आ गया। बदायूं के कस्बा रुदायन में उनका कच्चा घर है। बच्चा चार दिनों से किसान मलक सिंह के घर रह रहा है। सूचना पर पुलिस बच्चे के पिता से संपर्क करने का प्रयास कर रही है।

विज्ञापन


चंदौसी मुरादाबाद हाईवे पर स्थित थाना बनियाठेर क्षेत्र के बनियाखेड़ा चौराहे के निकट प्रथमा बैंक के पास हाईवे से सटा हुआ मलक सिंह का मकान है। 20 अप्रैल दिन बुधवार की दोपहर 12 बजे दस वर्षीय मासूम दीन हीन हालत में उनके घर घूमता फिरता पहुंचा। अचानक घर पहुंचे बच्चे से महिलाओं ने जानकारी की तो बताया कि उसका नाम हिमांशु है और पिता का नाम वीरेश पासी है। वह चंडीगढ़ के बंबूताल में रहते हैं। पिता मजदूरी करते हैं। उसके दो छोटे भाई है। उनका नाम अजय और विनय है। 

बच्चे ने बताया कि काफी समय से वह चंडीगढ़ में रहता है। मां का निधन हो चुका है, सौतेली मां साथ रहती है। हर बात पर तीनों भाइयों को मारती है। पिता के सामने भी मारती है, वह भी कुछ नहीं कहते हैं। पांच दिन पहले 20 रुपये लिये थे। इस बात पर सौतेली मां ने खूब मारा था। इसके बाद अगले दिन तीनों भाई घर से भागकर चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर आ गए। वहां से चंदौसी आने वाली ट्रेन पूछी और मैं उसमें बैठ गया। दोनों छोटे भाई रेलवे स्टेशन चंडीगढ़ में ही छूट गए। वह चंदौसी आकर उतर गया। वहां से घूमते हुए यहां आ गया।
विज्ञापन


मासूम ने बताया कि उसका एक कच्चा घर बदायूं के रुदायन में है, पीपल के पेड़ के पास है। उसके चाचा का नाम प्रताप और चाची का नाम ममता है। वह भी चंडीगढ़ में ही रहते हैं। चार दिन से घर में रहने के बाद पूरे परिवार में घुल-मिल गया है। जब वह घर पहुंचा, तो फटे पुराने कपड़े पहने हुए था। जिसे नहला धुला कर नए कपड़े दिलवाए। बच्चे के एक हाथ में चोट लगी है, फ्रैक्चर है। परिजनों के बारे में सारी बात बताई, पर बालक को परिजनों के मोबाइल नंबर का नहीं पता है। थानाध्यक्ष बनियाठेर कर्म सिंह पाल के समक्ष पेश कर आपबीती बताई। इसके बाद पुलिस ने बालक को मेरी सुपुर्दगी में दे दिया।

रुदायन नगर पंचायत के चेयरमैन से फोन पर बात हुई थी। बालक द्वारा बताये गए पते पर जानकारी कराई जा रही है। अड्डे के पास उन्होंने पीपल का पेड़ होने की बात बताई है। परिजनों से संपर्क कर बालक उनकी सुपुर्दगी में सौंपा जाएगा।- कर्मपाल सिंह, थानाध्यक्ष बनियाठेर

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें