सिपाहियों की हत्या कर भागे तीनों अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए संभल जिला पुलिस की दस टीमें लगी हुईं हैं। प्रत्येक टीम में आठ से दस पुलिसकर्मी शामिल हैं और इन टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गईं हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और एसटीएफ के आईजी खुद पल-पल की खबर ले रहे हैं। हर रोज सुबह और शाम अधिकारियों के द्वारा कार्रवाई की समीक्षा की जा रही है। पुलिस का फोकस तीनों अपराधियों के करीबियों और रिश्तेदारों पर है क्योंकि इनके जरिए ही कानून का शिकंजा अपराधियों के गले तक पहुंच सकता है।
शकील की दादी, कमल के माता-पिता और धर्मपाल के करीबी पुलिस की पूछताछ के दायरे में हैं। जिले में पुलिस टीमों ने अपराधियों के करीबियों और रिश्तेदारों की सूची बना ली है। अलग स्थानों से इन्हें पकड़कर कर पुलिस पूछताछ कर रही है और अपराधियों के ठिकानों का पता लगा रही है। पुलिस की टीमों ने मुरादाबाद, बदायूं और संभल जिले में कई स्थानों पर दबिश दी है। भगतपुर से धर्मपाल का पता लगाने के लिए पुलिस कई बार दबिश दे चुकी है।
एक ऐसे लड़के को पुलिस ने उठाया है जिसका धर्मपाल के पिता से जुड़ाव था। गांव के चौकीदार को पुलिस ने बुलाकर कई घंटे बातचीत की है। ताकि धर्मपाल की गतिविधियों का पता लग सके। चौकीदार ने बताया कि धर्मपाल कई वर्ष से गांव नहीं आता था। उसका कोई मकान भी गांव में नहीं है, सिर्फ एक प्लाट है। जबकि धर्मपाल के भाई पुलिस के डर से इधर-उधर चले गए हैं। वे धर्मपाल से पहले ही दूरी बना चुके हैं। रम्पुरा में पुलिस ने लगातार कई बार दबिश दी है। कई ग्रामीणों से सिपाहियों की हत्या कर भागे शकील और कमल के बारे में जानकारी हासिल करने का प्रयास किया है।