मुरादाबाद। रोडवेज विभाग में संविदा पर नौकरी करने वाला कंडक्टर बस में सवार युवकों को रेलवे में पक्की नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी का शिकार बनाता था। मुरादाबाद पुलिस ने शनिवार को आरोपी संविदा कंडक्टर और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों की निशानदेही पर दो लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं। आरोपी के खिलाफ बदायूं निवासी व्यक्ति ने नौकरी के नाम पर दो लाख रुपये ठगे जाने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था।
बदायूं जनपद के बघौल मझरा वजीरगंज निवासी जोगेंद्रपाल ने मझोला थाने में केस दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया था कि उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति ने कॉल की थी। कॉल करने वाले ने अपना नाम जावेद बताया था। उसने कहा था कि वह रेलवे विभाग में नौकरी लगवाने का काम करता है। इसके बाद आरोपी ने पीड़ित को मझोला थानाक्षेत्र में बुला लिया। दिल्ली रोड स्थित राधाकृष्ण मंदिर के पास उससे दो लाख रुपये ले लिए थे। इसी दौरान आरोपी ने जोगेंद्र के सामने ही एक व्यक्ति को कॉल की और कहा कि रुपये आ गए हैं। अब जोगेंद्र को इंटरव्यू में पास कर देना।
कॉल कटने के बाद आरोपी ने जोगेंद्र से कहा कि अभी उसने रेलवे अधिकारी से बात कर नौकरी की बात पक्की कर ली है। इसके बाद पीड़ित को वहीं खड़ा छोड़कर वापस आने की बात कहकर चले गए। शाम तक भी आरोपी और उसका साथी वापस नहीं लौटे तो पीड़ित जोगेंद्र को ठगी का एहसास हुआ। जिसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस और एसओजी की टीम आरोपी की तलाश में जुट गई थीं। इस मामले में पुलिस ने मझोला थानाक्षेत्र के सम्राट अशोक नगर निवासी राजेश गिरी और ठाकुरद्वारा थानाक्षेत्र के शरीफनगर निवासी तहजीम उर्फ जावेद को गिरफ्तार किया है। आरोपी राजेश गिरी के घर से दो लाख रुपये की नकदी बरामद की है। शनिवार दोपहर दोनों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
लूट और जाली नोटों की तस्करी में जेल जा चुका है तहजीम
मुरादाबाद। पुलिस ने बताया कि आरोपी तहजीम ने अपना नाम जावेद बताकर जोगेंद्र पाल के पास कॉल की थी। आरोपी तहजीम इससे पहले उत्तराखंड के जसपुर पुलिस द्वारा लूट और ठाकुरद्वारा पुलिस द्वारा जाली नोटों की तस्करी के मामले में जेल भेजा जा चुका है।
बस में सवार युवकों को जाल में फंसाता था आरोपी कंडक्टर
मुरादाबाद। रोडवेज बस में संविदा कंडक्टर राजेश गिरी सफर के दौरान युवकों को अपनी बातों में फंसाकर उन्हें नौकरी लगवाने का झांसा देता था। इसके बाद वह अपने साथी तहजीम उर्फ जावेद से कॉल कराकर उनसे रुपये मंगवाता था। आरोपी इसी तरह से कई युवकों को अपना शिकार बना चुके हैं। पुलिस ऐसे और मामलों की पड़ताल में लगी है जिनमें उन्होंने किसी को अपना शिकार बनाया है।