मुरादाबाद। कुत्तों के आतंक से बच्चों को बचाने के लिए शिक्षकों को नोडल अधिकारी नामित किया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग में इसके निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बीएसए का कहना है कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को सोमवार तक विवरण भरकर भेजना है।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आधार पर आवारा कुत्तों के आतंक से बच्चों को बचाने के प्रयास के तहत यह प्रक्रिया की जा रही है। इसके संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को नगर पालिकाओं के साथ समन्वय करने के लिए कहा गया है। बताया गया है कि नगर पालिका को आवारा कुत्तों काे पकड़ने के लिए सर्वे करना है। इसका जानकारी करने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को उनसे संपर्क करना है। इसके अलावा प्रत्येक स्कूल में प्रधानाध्यापकों को नोडल नामित किया जा रहा है, ताकि उनके स्कूल या आसपास आवारा कुत्तों को काटने की घटनाएं न हों। अधिकारियों का कहना है कि बहुत से जनपदों में स्कूलों की बाउंड्रीवाल न होने की वजह से आवारा कुत्तों के घूमने की घटनाएं हो सकती हैं, लेकिन मुरादाबाद में इस तरह की समस्या नहीं आई है। इसके बावजूद कुत्तों से बच्चों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसलिए विद्यालय स्तर पर बच्चों की निगरानी के लिए नोडल शिक्षक नामित किए जाएंगे, जो विद्यालय परिसर में कुत्तों की मौजूदगी पर नजर रखेंगे और किसी भी घटना की स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। इन नोडल का विवरण सोमवार तक ऑनलाइन दर्ज करना है। साथ ही यह भी प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाना है कि जनपद के सभी विद्यालयों में नोडल अधिकारी नामित किए जा चुके हैं।
वर्जन...
आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए नगर निकायों को सर्वे करना है। खंड शिक्षा अधिकारियों को सिर्फ समन्वय स्थापित करना है। हर स्कूल में एक शिक्षक नोडल रहेगा। ताकि बच्चों को आवारा कुत्तों के आतंक से बचाया जा सके।
विमलेश कुमार, बीएसए