मुरादाबाद। कोरोनाकाल के अनलॉक चार के दिशा निर्देश जारी होने के साथ माध्यमिक शिक्षकों ने स्कूलों में सभी शिक्षकों को बुलाए जाने का विरोध शुरू कर दिया है। शिक्षक नेताओं ने कहा कि शिक्षा विभाग भारत सरकार के दिशा-निर्देश की अनदेखी कर जुलाई से ही सभी को स्कूल बुलाया जा रहा है। विभाग की मनमानी से कई शिक्षक कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। शिक्षक संघ नेताओं ने बुधवार को मंडलायुक्त, संयुक्त शिक्षा निदेशक और जिला विद्यालय निरीक्षक को ज्ञापन सौंपकर स्कूलों में पचास फीसदी शिक्षकों को ही बुलाए जाने की मांग की।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चेतनारायण गुट) के पदाधिकारियों ने मंडलायुक्त और संयुक्त शिक्षा निदेशक से मिले। आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग सरकार के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर रहा है। सभी शिक्षकों को स्कूल आने को बाध्य किया गया है। जबकि केंद्र और प्रदेश सरकार के दिशा निर्देशों में सभी शिक्षकों को स्कूल बुलाए जाने का कोई उल्लेख नहीं है। मंडल अध्यक्ष विमलेंद्र शर्मा ने कहा कि प्रदेश संरक्षक राज बहादुर सिंह चंदेल ने शिक्षा निदेशक से भी मुलाकात की। शासन की गाइड लाइन का पालन कराए जाने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष मेजर डा. देवेंद्र सिंह, मंडलीय मंत्री सुधीर कुमार अग्रवाल, मंडल मीडिया प्रभारी हरिशंकर भारती, मुरादाबाद के जिलाध्यक्ष तुंगीश यादव, जिला मंत्री राजपाल सिंह, बिजनौर के जिलाध्यक्ष सोमदेव सिंह, जिला मंत्री पंकज सिंह, रामपुर के जिलाध्यक्ष मुनीश कुमार शर्मा, जिला मंत्री मनोज कुमार, संभल के जिलाध्यक्ष शिवेंद्र पाल सिंह, जिला मंत्री बृजलाल कोरी, अमरोहा के जिलाध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह, जिला मंत्री मुराद अली और सैयद अफजाल अली, वीके यादव मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री पुष्पेश मिश्र ने भी जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार द्विवेदी को ज्ञापन सौंपा। पुष्पेश मिश्रा ने कहा कि सरकार ने आनलाइन शिक्षक कार्य के लिए स्कूलों में पचास फीसदी रोस्टर से बुलाए जाने के आदेश किए हैं, लेकिन शिक्षा विभाग सभी शिक्षकों को स्कूल बुलवा रहा है।