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Moradabad News: टैबलेट-सिम चले नहीं...24 लाख के भुगतान की तैयारी

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मुरादाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग में विभागीय कार्य करने के लिए स्कूलों में टैबलेट और सिम दिए गए थे। शिक्षकों का आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर स्थानों पर नेटवर्क की समस्या होने की वजह से टैबलेट-सिम काम नहीं कर पा रहे हैं। इसकी विभाग को शिकायत भी की है। इसके बावजूद विभाग हर साल कंपनी को भुगतान कर रहा है। इस बार भी करीब 24 लाख रुपये भुगतान की तैयारी की जा रही है। बीएसए ने कहा कि भुगतान से पहले सत्यापन करवाया जा रहा है।
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परिषदीय स्कूलों के रजिस्टरों को डिजिटल कर दिया गया था। इसी कवायद में मुरादाबाद जनपद में 1401 स्कूलों में करीब 22 सौ टैबलेट और सिम दिए गए थे। विभाग की ओर से संबंधित कंपनी को करीब 24 लाख रुपये भुगतान की तैयारी की जा रही है। स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति पंजिका, एमडीएम पंजिका मुख्य रूप से प्रतिदिन ऑनलाइन दर्ज की जाती है। निपुण एप, प्रेरणा पोर्टल, दीक्षा एप, सरल एप इन टैबलेट पर चलाए जा रहे हैं। शिक्षक निपुण एप के माध्यम से विद्यार्थियों को मूल्यांकन के लिए अभ्यास करवाते हैं। शिक्षकों के अनुसार पिछले दिनों कर्मयोगी एप इंस्टॉल करने के लिए कहा था, इसके माध्यम से शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण के अलग-अलग तरह के कोर्स थे। लेकिन टैबलेट पर यह सभी एप अच्छे से काम नहीं कर पा रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि हो सकता है कि टैबलेट का नया वर्जन न हो। इसकी वजह से अपने फोन से ही कार्य करना पड़ता है।

सिम मिले नहीं...हो गया भुगतान
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पहले चरण में प्राथमिक और कंपोजिट स्कूलों को टैबलेट और सिम दे दिए गए थे। इसके बाद पूरे जिले के जूनियर हाईस्कूल बचे थे। यह वो स्कूल थे जो कंपोजिट नहीं थे और प्राइमरी स्कूलों से अलग थे। दूसरे चरण में इनके लिए टैबलेट दिए हैं। इसमें सिम और डेटा नहीं दिया है। जबकि हमारे ब्लॉक के करीब 40 जूनियर हाईस्कूलों से कंपोजिट ग्रांट में से दो-दो टैबलेट के हिसाब से दो-दो हजार रुपये की कटौती कर ली गई। इस संबंध में अधिकारियों से वार्ता की थी। यदि कुंदरकी ब्लॉक की बात करें तो 196 में से करीब 170 विद्यालयों में नेटवर्क की समस्या है। इसकी वजह से विभाग के द्वारा दी गई सिम नहीं चल पाती थी और भुगतान किया जाता है।
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वर्जन...
स्कूलों में सिम का उपयोग हो या न हो, लेकिन विभाग द्वारा हर साल करीब दो हजार रुपये कंपोजिट ग्रांट से काट लिए जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में हर माह आठ से दस स्कूल शिकायत करते हैं कि उनके यहां पर विभाग द्वारा दी गई सिम में नेटवर्क नहीं आता है। कंपनी स्वयं बता देगी कि उनका सिम कितने स्कूलों में प्रयोग हो रहा है या नहीं। ऐसे में बड़ा मुद्दा यह है कि जब सिम प्रयोग ही नहीं हो रहा है तो उस स्कूल के रुपये क्यों काटे जाते हैं।
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डॉ. नीरज शर्मा, जिला अध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ

टैबलेट या सिम कार्य कर रहे हैं या नहीं, इसका सत्यापन करवाया जा रहा है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से जांच आख्या मांगी गई है।
विमलेश कुमार, बीएसए
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