मुरादाबाद। मंगलवार की देर रात हुई बारिश ने बुधवार को शहर की बिजली व्यवस्था को तहस-नहस कर डाला। तड़के से ही हालात ऐसे बने कि एक-एक कर कई इलाकों में अंधेरा छा गया और लोग दिन भर बिजली-पानी के लिए जूझते रहे। दिल्ली रोड, बुद्धि विहार, सिविल लाइंस और पुराने शहर के बड़े हिस्से इस अव्यवस्था की चपेट में रहे।
बुधवार सुबह करीब 4:30 बजे पीटीसी बिजलीघर से निकलने वाली 33 केवी हाईटेंशन लाइन में बड़ा फाल्ट हो गया। इसके चलते सिविल लाइंस, मानसरोवर, सरोवर नगर सहित आसपास के रिहायशी इलाकों की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। असर केवल घरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोक निर्माण विभाग समेत कई सरकारी दफ्तरों में कामकाज भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। कर्मचारी और अधिकारी बिना बिजली के दफ्तरों में हाथ पर हाथ धरे बैठे नजर आए।
बिजली गुल होने के साथ ही पीने के पानी का संकट भी गहरा गया। बिजली की मोटर बंद होने से कई मोहल्लों में पानी की आपूर्ति ठप हो गई, जिससे लोगों की दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। इस बीच आशियाना क्षेत्र में एक पोल गिर जाने से हालात और बिगड़ गए। वहां करीब तीन घंटे तक अतिरिक्त कटौती झेलनी पड़ी। शहर के कटघर, मंडी समिति, रामपुर रोड, दिल्ली रोड, सिविल लाइंस, गांधी नगर, बुध बाजार सहित अनेक इलाकों में बार-बार ट्रिपिंग और लंबी कटौती से एक लाख से अधिक की आबादी परेशान रही।
लोगों ने समाधान के लिए बिजली विभाग के जेई, एसडीओ और एक्सईएन को लगातार फोन किए, लेकिन अधिकांश समय फोन नहीं उठे। इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ती गई। दोपहर करीब एक बजे कहीं जाकर बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। अधीक्षण अभियंता प्रशांत कुमार के अनुसार बारिश के कारण शहर के अलग-अलग हिस्सों में कई छोटे फाल्ट सामने आए थे, जिन्हें समय रहते दुरुस्त कर लिया गया। हालांकि पीटीसी की हाईटेंशन लाइन में आया फाल्ट गंभीर था। इसे ठीक करने में अधिक समय लग गया।