स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा गुंडों-माफियाओं की पार्टी, कांग्रेस नेतृत्वविहीन और बसपा सुप्रीमो मायावती महाभ्रष्ट नेता हैं। पैसे की हवस में मायावती का मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है। डॉ. भीमराव अंबेडकर के सपने और कांशीराम के मिशन को बसपा ने दरकिनार किया है। मेरे हटने के बाद बसपा प्रदेश में तीसरे पायदान पर पहुंच चुकी है और अब 22 सितंबर को लखनऊ में रैली के बाद बसपा समाप्ति के कगार पर पहुंच जाएगी।
भाजपा की तारीफ में कसीदे कसते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व पटल पर उभर रहा है। 2017 में उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत से भाजपा की सरकार बनेगी। बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद पहली बार मुरादाबाद पहुंचे स्वामी प्रसाद मौर्य लोकतांत्रिक बहुजन मंच के कार्यकर्ता समागम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे थे। मंच पर मेयर विनोद अग्रवाल और भाजपा जिलाध्यक्ष हरिओम शर्मा ने उनका स्वागत किया।
स्वामी प्रसाद ने कहा कि बीस साल तक बसपा मेरे मन में रही लेकिन कांशीराम के जाने के बाद मायावती ने करवट बदली और आर्थिक भ्रष्टाचार की सीमा पार गईं। मायावती ने कांशीराम के सपनों का गला घोंट दिया। कांशीराम चुनाव में टिकट इस आधार पर देते थे कि जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी भागीदारी लेकिन अब मायावती कहती हैं जिसकी जितनी तैयारी उसकी उतनी भागीदारी। माया की तैयारी का अर्थ धन से जुड़ा है।
लोकसभा चुनावों में टिकट के जो रेट तय थे उनमें सुरक्षित सीट पर 25 लाख, पिछड़ा पर 50 लाख और सामान्य पर एक करोड़ थे लेकिन अब सुरक्षित सीट के रेट डेढ़ करोड़, पिछड़ा पर तीन से पांच करोड़ और सामान्य सीट पर पांच से दस करोड़ रुपये हैं। मायावती ने बसपा को टिकट बेचने की दुकान बना दिया है। एक विधायक को पांच साल में सभी मानदेय मिलाकर 60 लाख रुपये मिलते हैं जबकि वह एक से दस करोड़ रुपये देकर चुनाव में टिकट खरीदता है। ऐसे में वह किसका विकास करेगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।