खुफिया एजेंसियों ने स्थानीय पुलिस की मदद से केरल के रियाज रसीद को मालदीव के चार नागरिकों के साथ मुरादाबाद के एक होटल से हिरासत में लिया है। आतंकी संगठनों से रिश्ता होने के शक में आईबी और स्पेशल ब्रांच समेत दूसरी एजेंसियां रियाज से पूछताछ कर रही हैं।
हालांकि प्रारंभिक पूछताछ में उसके किसी आतंकी संगठन से जुड़े होने की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन उसकी संदिग्ध गतिविधियों के चलते पुलिस की एक टीम केरल और दूसरी संभल में उसके ठिकानों की पड़ताल के लिए रवाना की गई है। रियाज ने एजेंसियों को बताया है कि वह जींस के कारोबार के सिलसिले में पिछले पांच सालों से संभल आता जाता है।
अलबत्ता विदेश मंत्रालय से क्लीन चिट मिलने के बाद एजेंसियों ने मालदीव के चारों टूरिस्ट को पासपोर्ट जमा कराकर छोड़ दिया है। आईबी से मिले इनपुट के बाद कोतवाली क्षेत्र में स्टेशन रोड स्थित होटल मालविका में पुलिस और लोकल इंटेलीजेंस की संयुक्त टीम ने छापा मारा था।
पुलिस ने होटल के रूम नंबर 101 और 102 में ठहरे पांच युवकों को हिरासत में लिया और थाने ले आई। पूछताछ में इनमें से एक ने अपना नाम रियाज रसीद निवासी केरल बताया। बाकी के चार लोग विदेशी टूरिस्ट थे और मालदीव के रहने वाले थे। पांचों युवकों को अज्ञात स्थान पर ले जाकर आईबी, स्पेशल सेल और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पूछताछ की। विदेश मंत्रालय को सूचना देकर पकड़े गए चारों टूरिस्ट का ब्योरा चेक किया गया।
मंत्रालय की ओके रिपोर्ट के बाद चारों को दस घंटे की मैराथन पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। लेकिन रियाज रसीद पर एजेंसियों को शक है। लिहाजा उसे कस्टडी में रखा गया है। उसके द्वारा बताई गई सूचनाओं को वैरीफाई करने के लिए पुलिस टीम केरल में उसके गांव भेजी गई है। उसने बताया है कि वह संभल में असमोली और बहजोई क्षेत्र में जींस का कारोबार करता है वहां भी पुलिस छानबीन कर रही है।
दस साल पहले धर्म बदलकर बना रियाज
शुरुआती छानबीन में एजेंसियों को पता चला है कि रियाज रसीद दस साल पहले तक दिनेशम पुत्र रामचंद्रम था। लेकिन दस साल पहले वह धर्म बदलकर रियाज रसीद बन गया था। पिछले करीब पंद्रह सालों से वह अपने गांव से गायब है।
खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली है कि इस बीच वह तीन साल तक सऊदी अरब में रहा। इसके वह कई ऐसी गतिविधियों में शामिल रहा जिसके चलते वह खुफिया एजेंसियों की रडार पर आ गया। सऊदी अरब में भी वह बगैर वीजा के पकड़ा गया था।