उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में आईएसआईएस आंतकी मुफ्ती सुहैल के साथ पकड़े गए संदिग्ध आतंकी इरशाद के परिजन मीडिया के सामने आए हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक इरशाद के परिजनों का कहना है कि वह आतंकी नहीं है। बता दें इरशाद के परिजनों का यह बयान गिरफ्तारी के 24 घंटे बाद आया है।
परिजनों ने इरशाद को निर्दोष बताते हुए उसे साजिश के तहत फंसाने की बात कही है व गृह मंत्रालय को पत्र भेज कर निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। बुधवार को आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम ने आतंकवादी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर अमरोहा के नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के गांव सैदपुर इम्मा में छापा मारा।
इस दौरान मौके पर भारी संख्या में फोर्स की तैनाती रही। यहां एनआईए टीम ने अमरोहा के मुल्लाना मोहल्ला निवासी मुफ्ती सोहेल, सैदपुर इम्मा गांव के सईद व मोहल्ला परचरा के इरशाद को गिरफ्तार किया।
तीनों के घरों के अलावा वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट हास्टल और अन्य स्थानों में छापे मारे गए थे। इसके बाद एनआईए की टीम तीनों को अपने साथ ले गई। स्थानीय पुलिस की बिना जानकारी में सीधे उन घरों, स्थानों पर छापे मारे गए जहां की पुख्ता जानकारी एनआईए के पास पहले से मौजूद थी।
अपुष्ट सुत्रों का कहना है कि टीम ने छापेमारी के दौरान संदिग्ध लोगों के ठिकानों से बड़ी मात्रा में आरडीएक्स, जिलेटिन छड़ें और टाइमर भी बरामद किया। जबकि कुछ पिस्टल और तमंचे भी मिले।
अमरोहा में मुफ्ती सोहेल इनका मास्टर माइंड बताया जा रहा है। यह दिल्ली के किसी मदरसे में पढ़ाने का काम करता है। संभवतः इसने देवबंद से भी पढ़ाई की है। इसके घर के लोग और रिश्तेदार भी पढ़े-लिखे और शैक्षिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं।
मगर इरशाद के परिजन यह मानने को तैयार नहीं कि वह आतंकी है। गुरुवार को संदिग्ध की पत्नी शबनम व बड़े भाई औरंगजेब ने मीडिया के सामने आकर बयान दिया व औरंगजेब का कहना है कि वह न तो कभी सुहैल से मिला था और न ही उसे जानता था। इरशाद को साजिश के तहत फंसाया गया है। इस संबंध में इरशाद के परिजनों ने गृह मंत्रालय को पत्र भेजा है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।