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खेतों में पानी भरने से किसानों की फसलों के नुकसान का सर्वे शुरू

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मुरादाबाद। कोसी नदी और बारिश का पानी खेतों में भरने से किसानों की फसलों के नुकसान का सर्वे शुरू करा दिया गया है। मुरादाबाद सदर तहसील क्षेत्र में संबंधित गांव के लेखपाल और कानूनगों को सर्वे में लगाया गया है। उधर कंट्रोल रूम में भी किसान अपनी फसलों के नुकसान की सूचनाएं दे रहे हैं।
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पिछले दिनों तीन दिन लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया था। जिले के मूंढापांडे क्षेत्र के कई गांव कोसी नदी के किनारे बसे हैं। जिनमें पानी भरने से किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। रजौड़ा, हीरापुर, गदई, हरपाल नगर गांवों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। रजोड़ा कन्नरदेव निवासी भरतपाल सिंह ने बताया कि उसकी नौ बीघा मेंथ की फसल का नुकसान हुआ है। चकलालपुर निवासी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उसकी छह बीघा मेंथ की फसल कटी हुई खेत में रखी थी लेकिन बारिश के पानी में डूब गई। लालपुर निवासी राजभान सिंह ने बताया कि उनकी 10 बीघा मेंथा की फसल में पानी भरा है। गदई खेड़ा निवासी विजयलपाल की चार बीघा मेंथ की फसल में पानी भरा है। हीरापुर के दुर्गपाल सिंह ने बताया कि बारिश से काफी किसानों को नुकसान हुआ है।
किसानों का कहना है कि हर साल मई-जून में इतनी बारिश नही होती जितनी इस बार हुई है। इस बार मानसून भी जल्दी आ गया। यह समय मेंथ की पकाई ओर कटाई का था इसलिए मेंथा की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है और लग रहा है कि इस बार इसकी लागत भी पूरी होनी मुश्किल है। भाकियू नेता नरेंद्र प्रताप ने बताया कि उन्होंने एसडीएम से किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है। उन्होंने सर्वे कराने की बात कही है।
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कई किसानों ने कंट्रोल रूम में भी फोन करके फसलों के नुकसान होने की शिकायत की है। उन्होंने भी कई गांव का दौरा किया था। किसानों की मांग पर कोसी नदी किनारे बसे गांव और बारिश से नुकसान की शिकायत वाले गांवों में संबंधित गांवों में लेखपाल और कानूनगों को भेजकर सर्वे शुरू करा दिया गया है। मेंथा की फसल में सबसे अधिक नुकसान बताया जा रहा है।
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- प्रशांत तिवारी, एसडीएम सदर
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