मुरादाबाद। मझोला थानाक्षेत्र के बुद्धि विहार में किराए पर रहने वाले फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी ने शराब पीने से मना किया तो मकान मालिक के साले ने उसको थप्पड़, बेल्टों से पीटा। जिससे खुद को बेइज्जती महसूस कर किराएदार ने फंदे पर लटककर जान दे दी। बृहस्पतिवार सुबह इसका पता चला। मौके पर मिले सुसाइड नोट में उसने टॉर्चर की बात लिखी है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। आरोपी भागा हुआ है।
बुद्धि विहार सेक्टर 3 में मंडी धनौरा निवासी दीपक शर्मा का मकान है। मकान की देखरेख उसका साला अंकुर भारद्वाज निवासी बुद्धि विहार है। वह भाजपा में युवा मोर्चा में महानगर महामंत्री है। इस मकान की पहली मंजिल पर संभल के असमोली का रहने वाला दीक्षांत शर्मा (24) रहता था। जो कि एक फाइनेंस कंपनी में कार्यरत था। बृहस्पतिवार सुबह दीक्षांत आफिस नहीं पहुंचा न ही उसने फोन उठाया। उसके भाई वेदांत ने बताया कि उसे देखने के लिए साथी कर्मचारी सुमित और अमित उसके कमरे पर पहुंचे। कमरे का दरवाजा खुला था, अंदर छत के कुंडे से लटके कपडे़ के फंदे पर दीक्षांत का शव लटका था। जिसकी सूचना पर वेदांत और पुलिस मौके पर पहुंची। एएसपी सिविल लाइन आदित्य लांग्हे ने बताया कि मौके से सुसाइड नोट मिला। जिसमें उसने शराब न पीने पर मकान मालिक के साले अंकुर भारद्वाज द्वारा उसकी पिटाई किए जाने की बात लिखी है। पिटाई से आहत होकर उसने सुसाइड किया है। इस मामले में अंकुर भारद्वाज के खिलाफ वेदांत की तहरीर पर मारपीट और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है।
मुझे बेल्टों से पीटा.. बेइज्जती कर दी
मुरादाबाद। दीक्षांत ने सुसाइड नोट में लिखा है कि कल अंकुर भारद्वाज का जन्मदिन था। उसने लड़कों को दीक्षांत के कमरे पर बुलाकर दावत दी और उसे भी फोन किया। लेकिन उनके साथ शराब पीने से दीक्षांत ने इंकार कर दिया। इसके बाद दोबारा फोन कर अंकुर ने शराब की एक बोतल लाकर देने के लिए कहा। दीक्षांत ने उसे शराब की बोतल ले जाकर दे दी, जिसके पैसे भी उसने नहीं दिए। इसके बाद दीक्षांत वहां से चला गया। अंकुर ने उसे फोन कर बुलाया। दीक्षांत पहुंचा तो मकान के नीचे उसको थप्पड़ मारे, बेल्ट से पीटा। जिससे उसकी बेइज्जती हो गई। उसने लिखा कि अब उसका जीना बेकार है, सुसाइड कर रहा है। दीक्षांत ने लिखा कि उसके घर वाले उसे बहुत प्यार करते हैं। बहन मोना से उसने माफी भी मांगी और कहा कि वह ये कदम उठाने के लिए मजबूर है। उसने अपनी मौत का जिम्मेदार अंकुर भारद्वाज को ठहराया है।