साधन सहकारी समिति मूंढापांडे के सस्पेंड अकाउंटेंट ने सुसाइड कर लिया। निलंबन अवधि की सैलरी न मिलने से वह दुखी थे। अधिकारियों के पास दौड़ते रहे मगर कहीं से मदद नहीं मिली। जब सारे दरवाजे बंद दिखाई दिए तो जहर खाकर जान दे दी। उन्होंने जो सुसाइड नोट छोड़ा है उसमें समिति प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।
मूंढापांडे के गांव भूकापुर निवासी छुट्टन सिंह साधन सहकारी समिति में अकाउंटेंट थे। वह पंद्रह महीने से निलंबित चले आ रहे थे। समिति प्रशासन ने वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाकर उन्हें सस्पेंड कर दिया था। जबकि छुट्टन सिंह इस कार्रवाई का शुरू से ही विरोध कर रहे थे।
उनका कहना था कि एक साजिश के तहत उन पर कार्रवाई की गई है। वह अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे मगर उनकी कहीं नहीं सुनी गई। बृहस्पतिवार की सुबह को छुट्टन ने दोपहर को करीब दो बजे अपने घर पर जहर खा लिया।
हालत बिगड़ने पर परिवार वाले मूंढापांडे अस्पताल लेकर पहुंचे जहां से चिकित्सकों ने गंभीर हालत को देखते हुए मुरादाबाद रेफर कर दिया। रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। परिवार वाले छुट्टन के शव को लेकर साधन सहकारी समिति पर पहुंचे और यहां शव रखकर हंगामा किया।
इन लोगों का कहना था कि अगर सैलरी मिल गई होती तो छुट्टन यह आत्मघाती कदम नहीं उठाते। छुट्टन ने जो सुसाइड नोट छोड़ा है उसमें सभापति समेत समिति प्रशासन के दूसरे लोगों को जिम्मेदार ठहराया है।