मझोला थानाक्षेत्र के प्रकाश नगर चौराहे के पास स्थित दो मंजिला मकान में रहने वाले जूता व्यवसायी ने सीने में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। रविवार सुबह उसका शव घर के अंदर चारपाई पर पड़ा मिला।
चारपाई पर ही तमंचा और सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें उसने सुसाइड की जानकारी दी है लेकिन वजह का खुलासा नहीं किया गया। परिवार वाले भी इसे आत्महत्या ही बता रहे हैं लेकिन उन्होंने घर के अंदर होने के बाद भी गोली की आवाज सुनने से इंकार किया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिवार के सुपुर्द कर दिया है। सुसाइड नोट और तमंचे को पुलिस ने जांच के लिए कब्जे में ले लिया है।
प्रकाश नगर चौराहे के पास ही नंद किशोर का परिवार रहता है। उनका छोटा बेटा दिनेश सैनी (26) अविवाहित था। घर में दिनेश की मां लक्ष्मी, भाई जगदीश और दादा रामभरोसे भी रहते हैं। दिनेश के दूसरे भाई शेखर परिवार सहित प्रकाश नगर गली नंबर छह में रहते हैं। बहन सोनी की शादी हो चुकी है। दिनेश घर के सामने ही परिवार वालों के साथ मिलकर पकौड़ी बनाकर बेचता था और मकान के पास ही जूते-चप्पल की दुकान भी अपने भाई जगदीश के साथ मिलकर संभालता था।
मां लक्ष्मी ने बताया कि रात को दिनेश भूतल पर चारपाई पर सोया था, उसके दादा अंदर वाले कमरे में सो रहे थे। परिवार के अन्य लोग पहली मंजिल पर सो रहे थे। सुबह करीब साढे़ नौ बजे जगदीश दुकान खोलने के लिए जा रहा था तब उसकी नजर दिनेश की चारपाई पर पड़े तमंचे पर पड़ी। वह नजदीक गया तो देखा कि दिनेश के सीने में गोली लगी थी और उसकी मौत हो चुकी थी। उसने चीख पुकार मचाई तो परिवार के अन्य लोग पहुुंचे।
इस दौरान घर के बाहर भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की तो चारपाई पर एक सुसाइड नोट भी मिला। परिवार वालों का कहना है कि दिनेश की किसी से रंजिश नहीं थी। उसने सुसाइड क्यों किया है? इस संबंध में जानकारी होने से परिवार ने इंकार किया है। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि गोली दिनेश के सीने में बाएं तरफ दिल के पास लगी थी। गोली सटाकर मारी गई थी।
सीओ सिविल लाइन राजेश कुमार ने बताया कि मामला आत्महत्या का है। आत्महत्या की वजह का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा दिनेश के पास तमंचा कहां से आया? इस संबंध में भी जांच की जा रही है। परिवार वालों ने तमंचे के बारे में भी जानकारी होने से इंकार कर दिया है।