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कमीज से गला घोंटकर ग्रामीण की हत्या

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बिलारी (मुरादाबाद)। बिलारी थानाक्षेत्र स्थित तारापुर गांव के जंगल में शनिवार की रात शराब पिलाने के बाद एक किसान की उसी की कमीज से गला घोंटकर हत्या कर दी गई। हत्या से पहले उसके हाथ भी बांध दिए गए थे। आरोप उसके ही तीन दोस्तों पर है। शव को गन्ने के खेत में फेंककर तीनोें आरोपी भाग गए। ग्रामीण के भाई की ओर से तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने का मामला दर्ज कराया गया है। पोस्टमार्टम में भी गला घोंटकर ग्रामीण की हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है।
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कोतवाली बिलारी की ग्राम पंचायत सिसौना के तारापुर गांव निवासी भूप सिंह यादव का पुत्र शिशुपाल सिंह (40) किसान था। वह शनिवार की शाम अपने घर से खड़सौल गांव में कुछ सामान लेने गया था। शिशुपाल के भाई चेतन ने बताया कि उसके साथ गांव के ही लालू, लाला और बल्लू भी गए थे। शनिवार की शाम लगभग छह बजे खरसोल में शराब की दुकान पर उसके भाई के साथ तीनों को शराब पीते हुए गांव के कई लोगों ने देखा। देर रात तक जब शिशुपाल घर नहीं लौटा तब परिजनों ने यह अंदाजा लगाया कि वह शायद सहसपुर गांव में अपनी रिश्तेदारी में रात को जाकर रुक गया है। रविवार की सुबह परिचितों और रिश्तेदारों में शिशुपाल के बारे में पता लगाया गया। तब पता चला कि शिशुपाल वहां नहीं आया है। जिसके बाद शिशुपाल की तलाश शुरू की गई। इस दौरान तारापुर गांव के जंगल में गन्ने के खेत में शिशुपाल का शव मिला। शिशुपाल की गर्दन में उसी की कमीज से कसकर फंदा लगा था। उसके दोनों हाथ भी पीछे की ओर बंधे हुए थे। परिजनों के मुताबिक हत्यारों ने शिशुपाल की कमीज निकालकर उसी से गर्दन में फंदा बनाकर कसकर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। शिशुपाल का शव मिलने की सूचना पर मौके पर उसके परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। परिजनों ने शक के आधार पर शिशुपाल के तीनों साथियों को उनके घरों पर जाकर देखा तब वे वहां मौजूद नहीं मिले। सिसौना तारापुर गांव के प्रधान सरफराज हुसैन की सूचना पर कोतवाली प्रभारी गजेंद्र त्यागी पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। एसएचओ ने बताया कि शिशुपाल के भाई चेतन सिंह ने गांव के ही लल्लू, लाला और बल्लू के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। अंदेशा है कि शराब पीने के दौरान झगड़ा होने पर वारदात को अंजाम दिया गया है।
कदमों के निशान का किया पीछा तो मिला शिशुपाल का शव
अमर उजाला ब्यूरो
बिलारी। शनिवार की शाम से लापता हुए शिशुपाल यादव को तलाशने के लिए रविवार की सुबह उसका भाई चेतन सिंह और अन्य ग्रामीण संपर्क मार्ग के दोनों ओर खेतों की ओर जाने लगे। शनिवार को शिशुपाल और उसके हत्यारोपियों को संपर्क मार्ग पर बजरी के ढेर के निकट बैठे हुए कुछ ग्रामीणों ने देखा था।
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बजरी के ढेर से खेतों की ओर जाने वाले रास्ते पर कई कदमों के निशान नजर आए। इन्हीं निशानों का पीछा कर चलने पर चेतन सिंह उस गन्ने के खेत तक पहुंचा, जहां शिशुपाल का शव फेंका गया था। शिशुपाल का शव देख उसकी चीख निकल गई। शिशुपाल के भाई चेतन सिंह ने परिजनों को बताया कि शनिवार की शाम साढ़े छह बजे शिशुपाल को उसने अपने साथ ले जाने की कोशिश की थी लेकिन वह वहां से नहीं उठा। बाद में वह दोबारा भाई को लेने गया तो वह वहां नहीं था। शिशुपाल के परिवार में पत्नी जुबली, चार बेटियां कविता, सीतू, प्रवेश, लक्ष्मी, दो बेटे पवन हर्षित हैं। उनका रोकर बुरा हाल है। परिवार ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग पुलिस से की है। एसएचओ गजेंद्र त्यागी ने बताया कि हत्यारोपियों की तलाश में दो टीमें बनाई हैं। उनके ठिकानाें का पता कर दबिश दी जा रही है। जल्द ही तीनों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा।
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