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कांठ रोड पर बवाल के मामले में एफआईआर

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मुरादाबाद। कांवड़ियों को कार की टक्कर लगने पर शनिवार की रात को कांठ रोड पर हुए बवाल में पुलिस की ओर से सवा सौ लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है। जिसमें 11 लोगाें को नामजद किया गया है। जबकि कांवड़ियों को टक्कर मारने के मामले में कार चालक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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बवाल के मामले में केस आशियाना चौकी प्रभारी अर्जुन त्यागी की ओर से दर्ज कराया गया है। जिसमें उन्होंने बताया कि रात करीब साढे़ नौ बजे उनको सूचना मिली कि कांठ रोड पर कॉसमॉस अस्पताल से पहले प्रेम नगर के पास हरिद्वार से जल लेकर आ रहे कांवड़ियों को कार ने टक्कर मार दी है। सूचना पर वह पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों की सहायता से कांवड़ व क्षतिग्रस्त वाहन को हटवाने लगे। कार चालक व उसके साथी को कार से बाहर निकाला तभी वहां पर प्रेम नगर में रहने वाले मुकुल, संजय, विजय सिंह, रामकिशोर, अशोक, राजेश, मोनू, ऋषिपाल, विक्की, विजयपाल, सरदार सिंह, रोहित करीब 100-120 लोगों के साथ आए। इन लोगों ने कहा कि कार वालों ने भोले की कांवड़ तोड़ी है। इनको मारो और कार तोड़ो। इसके बाद कार चालक और उसके साथी को वे लोग पीटने लगे। पुलिसवालों ने कहा कि कार चालक और उसके साथी को बचाया और अस्पताल ले गए। जिसके बाद वे लोग उग्र हो गए और कार में तोड़फोड़ शुरू कर दी। सड़क पर ट्रैक्टर ट्राली को खड़ा करवाकर जाम लगा दिया। पुलिसकर्मियों ने मना किया तो अभद्रता की और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। इस दौरान उच्चाधिकारी आ गए तो बवाल करने वाले भाग गए। एसएचओ सिविल लाइन शक्ति सिंह ने बताया कि बवाल के मामले में 11 नामजद के अलावा 120 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया हैै। इसके अलावा कांवड़ियों को टक्कर मारने के आरोप में हरिओम निवासी संग्रामपुर जिला बरेली ने केस दर्ज करवाया है। आरोप है कि कार चालक ने तेजी व लापरवाही से ड्राइविंग करते हुए कार से कांवड़ियों को टक्कर मार दी। जिससे हरिओम के साथ मोहनलाल, रोहिताश, विष्णु, उमेश और प्रदीप जख्मी हो गए। इस मामले में कार चालक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
पीली कोठी प्रकरण में चुप्पी साध गई पुलिस
मुरादाबाद। पुलिस ने कांठ रोड पर बवाल के मामले में केस दर्ज किया है लेकिन पीलीकोठी पर बृहस्पतिवार को चेकिंग के दौरान यातायात पुलिसकर्मी से मारपीट के मामले में चुप्पी साध ली है। अब तक इस मामले में केस दर्ज नहीं किया गया है। जबकि करीब दो घंटे तक शहरवासियों को जाम से जूझना पड़ा था। स्कूली बच्चों से लेकर अस्पताल आने जाने वाले मरीजों को परेशानी हुई थी। एक ई-रिक्शा चालक को पुलिसकर्मियों के सामने ही पीटा गया था। एसएचओ शक्ति सिंह का कहना कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर इस मामले में कार्यवाही की जाएगी। बता दें कि पीलीकोठी प्रकरण की जांच एसएसपी ने एसपी यातायात सतीश चंद्र को सौंपी है।
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