मुरादाबाद। परिषदीय स्कूलों में भवनों की तो कायाकल्प हो गई, लेकिन अभी भी बच्चे पानी जैसी मूलभूत जरूरत के लिए परेशान हो रहे हैं। स्मार्ट सिटी के मिशन कायाकल्प तहत लगवाए गए आरओ खराब होने से शिक्षकों ने नगर निगम द्वारा की जाने वाली आपूर्ति वाले पेयजल को ही पीने की व्यवस्था करवाई है। शिक्षकों का कहना है कि यदि सबमर्सिबल का पानी भरें तो वह पीला हो जाता है।
लाइनपार क्षेत्र स्थित कन्या जूनियर हाईस्कूल कुंदनपुर में कक्षा छह से आठ में 121 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। दो दिन से से यहां का आरओ खराब है। प्रधानाध्यापिका प्रशांत कुमारी ने बताया कि विद्यालय के पानी की जांच करवाई थी, लेकिन यहां का टीडीएस बढ़ा होने की वजह से यह पीने योग्य नहीं है। सबमर्सिबल का पानी टंकी में भर दिया जाए तो बिल्कुल पीला हो जाता है। इसकी वजह से सिंक आदि भी पीली हो गई है। उन्होंने कहा कि पानी में रेत भी आता है। इसलिए हर चौथे या पांचवें महीने में आरओ खराब हो जाता है। बार-बार ठीक करवाती हूं। उन्हाेंने कहा कि नगर निगम द्वारा की जा रही पेयजल आपूर्ति का कनेक्शन अपने स्कूल में ले लिया है। यह पानी देखने में साफ लगता है। इसी को हम और बच्चे पीते हैं।
सिर्फ आश्वासन मिलता है समाधान नहीं
कंपोजिट विद्यालय दांग में कक्षा एक से आठ तक 153 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापिका नमिता गुप्ता ने कहा कि पिछले पांच महीने से आरओ खराब है। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के पास मैंने शिकायत दर्ज करवाई है, क्योंकि आरओ मेंटीनेंस का कार्य अभी स्मार्ट सिटी के ही अधीन है। हर बार आश्वासन मिलता है कि ठीक करवा देंगे, लेकिन अभी तक आरओ ठीक नहीं हुआ है। इसकी वजह से पानी की समस्या रहती है। हम तो घर से पानी की बोतल ले आते हैं लेकिन बच्चे नल का पानी पी रहे हैं।
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नगर निगम के अधिकारियों से कंपोजिट विद्यालय सोनकपुर में पेयजल की समस्या के निस्तारण के लिए भी वार्ता की है। उन्होंने आश्वासन दिया है। हमने स्मार्ट सिटी के अधिकारियों से वार्ता करेंगे ताकि हमें यह जानकारी मिल सके कि किसी प्रोजेक्ट के मेंटीनेंस की जिम्मेदारी हमारी है और किसी प्राेजेक्ट की उनकी है। ताकि अपने विभाग के स्तर से हम मेंटीनेंस का कार्य करवा सकें। इसके अलावा अपने सभी परिषदीय स्कूलों से विवरण मांगा है कि कहां-कहां आरओ खराब है।
- वेगीश सिंह गोयल, खंड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र