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Moradabad News: 14 किमी दूर पढ़ने जाने को मजबूर विद्यार्थी, बोले- गांव में ही बनाएं राजकीय इंटर कॉलेज

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कांठ। गांव फतेहपुर बिश्नोई में राजकीय इंटर कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर सोमवार को अभिभावकों और छात्र-छात्राओं ने कांठ तहसील में एसडीएम स्निग्धा चतुर्वेदी को प्रार्थना-पत्र सौंपा। अभिभावकों ने कहा कि गांव में सरकारी विद्यालय जूनियर हाईस्कूल स्तर तक ही है। कक्षा आठ के बाद विद्यार्थियों को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए 14 किलोमीटर से अधिक दूर जाना पड़ता है। दूरी और आर्थिक परेशानी के कारण विशेषकर छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होती है।
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उन्होंने बताया कि फत्तेहपुर बिश्नोई ग्राम पंचायत की आबादी करीब पांच हजार से अधिक है। गांव में कक्षा छह से आठ तक करीब सौ विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जबकि आसपास के करीब आठ गांवों के विद्यार्थियों को मिलाकर यह संख्या 1000 से ऊपर है। अभिभावकों के अनुसार गांव में राजकीय इंटर कॉलेज की स्थापना के लिए पर्याप्त भूमि भी उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि गांव के 14 किलोमीटर के दायरे में कोई राजकीय इंटर कॉलेज नहीं है। इसके अलावा एनएमएमएस छात्रवृत्ति के लिए चयनित होने के बावजूद कई विद्यार्थी राजकीय इंटर कॉलेज की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। अभिभावकों और छात्र-छात्राओं ने एसडीएम स्निग्धा चतुर्वेदी से कहा कि गांव में राजकीय इंटर कॉलेज में खुलने से क्षेत्र के बच्चों, विशेषकर बालिकाओं को गांव में ही माध्यमिक शिक्षा की सुविधा मिल सकेगी। प्रार्थना-पत्र पर प्रीति, किरन, संगीता, संतोष, गीता, रूमा, कुंता देवी, शंकर लाल, समरपाल सिंह, पिंकी आदि के हस्ताक्षर थे।
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बोले अभिभावक और ग्रामीम



आठवीं की शिक्षा के बाद नौवीं की पढ़ाई के लिए कॉलेज दूर होने से हमारे बच्चों को आने-जाने में परेशानी होती है। साथ ही खर्च भी अधिक होता है, हादसे का भी अंदेशा बना रहता है। - गीता, अभिभावक, फत्तेहपुर बिश्नोई


हमारे गांव में कोई भी इंटर कॉलेज नहीं है। बच्चों को आठवीं के बाद या तो पढ़ाई छोड़नी पड़ती है या फिर 15 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है, इससे काफी परेशानी होती है। - समरपाल सिंह, ग्रामीण, फत्तेहपुर बिश्नोई



कॉलेज दूर होने के कारण बच्चे रोज पढ़ने के लिए नहीं जा पाते हैं। यदि गांव में ही राजकीय इंटर कॉलेज बन जाता है तो गांव के साथ ही आसपास के कई गांवों के बच्चों को लाभ मिलेगा। रूमा, अभिभावक, फत्तेहपुर बिश्नोई
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बोले विद्यार्थी





गांव में कॉलेज नहीं होने से पढ़ाई करने के लिए दूर जाना पड़ता है। जिस कारण रोज जाना नहीं हो पाता है। दूरी अधिक होने से परिवार वाले भी चिंतित रहते हैं।- यशी, फत्तेहपुर बिश्नोई



हम अपने गांव में राजकीय इंटर कॉलेज की स्थापना मांग को लेकर तहसील आए हैं। गांव से कॉलेज की दूरी अधिक होने से काफी परेशानी और खर्च अधिक होता है। - आरूषी, फत्तेहपुर बिश्नोई




हमारे गांव में एक से आठवीं तक के दो स्कूल हैं। कक्षा नौ से 12वीं तक की पढ़ाई के लिए कोई भी राजकीय इंटर कॉलेज नहीं है। यदि गांव में ही कॉलेज की स्थापना हो जाए तो लाभ मिलेगा।- अक्षय, फत्तेहपुर बिश्नोई



इस समय तेंदुए की काफी समस्या है। पढ़ाई के लिए कॉलेज काफी दूर होने से दिक्कत होती है। हमारे गांव में ही कॉलेज के लिए पर्याप्त भूमि हैं। यदि उस पर कॉलेज बन जाए तो अच्छा रहे। - नितिन, फत्तेहपुर बिश्नोई




मैनें पिछले वर्ष गांव से ही आठवीं की परीक्षा पास की थी, अब नौवीं में हूं। गांव में कोई सरकारी कॉलेज नहीं होना चिंता का विषय है। हम चाहते हैं कि हमारे गांव में ही कॉलेज बनाया जाए। - यशवी, फत्तेहपुर बिश्नोई




नौवीं की पढ़ाई के लिए कई किलोमीटर दूर साइकिल से जाना पड़ता है। कभी-कभी सवारी से भी जाते हैं, जिससे परेशानी होती है। हमारे गांव में ही कॉलेज बनना चाहिए, ताकि शिक्षा ग्रहण कर सकें। - वंशिका, फत्तेहपुर बिश्नोई




गांव में कॉलेज नहीं होने से काफी दूर जाना पड़ता है। जिससे आने-जाने में काफी परेशानी होती है। विद्यार्थियों की इस समस्या को देखते हुए राजकीय इंटर कॉलेज बनना चाहिए। - कंचन, फत्तेहपुर बिश्नोई

वर्जन




.... गांव फत्तेहपुर बिश्नोई हमारी विधानसभा में आता है। हम सरकार के लगातार मांग कर रहे हैं कि जो बड़े गांव हैं, उनमें बच्चों की शिक्षा के लिए आठवीं के बाद नौवीं से 12वीं तक पढ़ाई के लिए कॉलेज बनवाए जाएं। फत्तेहपुर बिश्नोई में राजकीय इंटर कॉलेज का मुद्दा सदन में भी उठाया जाएगा। बच्चों के हित में जो भी हो सकता है, उसे पूरा कराने का पूरा प्रयास रहेगा। - कमाल अख्तर, विधायक, कांठ




.... गांव फत्तेहपुर बिश्नोई के अभिभावकों, ग्रामीणों और बच्चों की ओर से राजकीय इंटर कॉलेज की मांग के संबंध में जो प्रार्थना-पत्र दिया गया है, उसे उच्चाधिकारियों और संबंधित विभाग को भेजा जाएगा। क्योंकि यह बच्चों की पढ़ाई से जुड़ा विषय है, साथ ही इसमें राजस्व संबंध जो भी कार्य होगा, उसे प्राथमिकता के आधार पर कराएंगे। - स्निग्धा चतुर्वेदी एसडीएम, कांठ
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