छात्र बहादुर सिंह की मौत से टूट चुकीं मां किरन ने खुद को संभाले रखा और अपनी सास मुन्नीदेवी को पोते की मौत की जानकारी नहीं दी। कोटा जाने के लिए जब किरन उनके दोनों बेटे जय भीम, जय भारत और बेटी भीमप्रिया तैयार हुए तो उन्होंने अपनी सास से कहा कि वह बहादुर को लेने जा रही हैं।
जेईई की तैयारी के लिए कोटा गए रामपुर के टांडा के फैजुल्लानगर गांव के छात्र बहादुर सिंह (17) ने आत्महत्या कर ली। शनिवार रात बेटे बहादुर की मौत की खबर मिलने के बाद किरन बेहोश हो गईं तो बेटों और बेटी ने उन्हें संभाला। चेहरे पर पानी डालकर उन्हें होश में लाए।
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बेटे की मौत से टूट चुकीं किरन ने खुद को संभाले रखा और अपनी सास मुन्नीदेवी को पोते की मौत की जानकारी नहीं दी। कोटा जाने के लिए जब किरन उनके दोनों बेटे जय भीम, जय भारत और बेटी भीमप्रिया तैयार हुए तो उन्होंने अपनी सास से कहा कि वह बहादुर को लेने जा रही हैं।
इसके बाद सभी लोग चले गए। रविवार को पूरे दिन घर के बाहर बैठी मुन्नी देवी पोते के आने का इंतजार करती रहीं। 17 वर्षीय पोते बहादुर अपनी दादी मुन्नी देवी का सबसे लाडला था। घर पर आने के बाद हमेशा वह उसको गले से लगा लेती थीं और वह भी अपनी दादी से हिला हुआ था। जब मां किरन को बेटे की मौत की सूचना लगी तो पहले वह टूट गईं।
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आंसू छिपाते हुए सांस से कहा कि बहादुर का वहां किसी से विवाद हो गया है, इसलिए उसको लेने जा रहे हैं। किरन के साथ ही उनके बेटे और बेटी भी आंसू छिपाते हुए घर से निकल आए।
सबको यही लग रहा था कि ऐसा न हो कि मुन्नेदेवी बहादुर की मौत की खबर को बर्दाश्त न कर पाएं और कोई अनहोनी हो जाए। इसलिए उनसे यह बात छिपाई गई। रविवार को भी वह पोते की मौत से अंजान घर के दरवाजे पर बैठी रहीं और उसके आने का इंतजार करती रहीं।
मोहल्ले वालों ने भी नहीं दी जानकारी
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि बहादुर की मौत की खबर रविवार को भी किसी ने उनकी दादी को नहीं दी। बहादुर की मौत की खबर गांव में आग की तरह फैल गयी थी, लेकिन मुन्नीदेवी को किसी ने इसकी खबर नहीं थी। घर के आगे कई लोग बार-बार पूछने के लिए आ रहे थे, जिस पर दादी को कुछ संदेह भी हुआ, लेकिन उन्हें पोते की मौत की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी।
भाई ने कोचिंग के शिक्षक पर लगाया जातिसूचक शब्द कहने का आरोप
करीब पांच दिन पहले मां किरन से फोन पर बातचीत के दौरान बहादुर ने कोचिंग में छात्र से हुए झगड़े की बात बताई थी। इसके बाद मां ने उसे काफी समझाया था। हालांकि, झगड़ा और शिक्षक द्वारा फटकार लगाए जाने से वह काफी परेशान था और इसी के चलते उसने शनिवार को हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली।
बहादुर के बड़े भाई ने कोटा की कोचिंग के शिक्षक पर जातिसूचक शब्द कहने का आरोप लगाया है। बड़े भाई जय भारत ने बताया कि पांच दिन पहले बहादुर अपनी कोचिंग गया था, जहां पर उसका एक छात्र से झगड़ा हो गया था। एंट्री पास को लेकर खींचतान भी हुई थी। जिस पर वहां पर कोचिंग के शिक्षक आ गए और उन्होंने भी दूसरे छात्र को न डांटकर बहादुर को फटकार लगा दी।
आरोप है कि उससे उसका एंट्री पास भी छीन लिया और इसके बाद उसको जातिसूचक शब्द कहते हुए कोचिंग से चले जाने को कह दिया था। जिस वजह से वह काफी तनाव में था। भाई ने बताया कि कोटा में पहुंचने पर वहां पर बात करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी।
मां को फोन पर दी थी जानकारी
बहादुर के भाई जय भारत ने बताया कि अंतिम बार बहादुर ने मां किरन से ही बात की थी। जिसमें उसने सारी घटना उनको बताई। जिसके बाद मां ने उनको परेशान न होने के लिए कहा और इसके बाद बात करने के लिए कहा था। मां के समझाने के बाद भी बहादुर कोचिंग में हुई घटना को भूल नहीं पाया और फंदे पर लटककर जान दे दी।