मुरादाबाद। शहर की गलियों और मोहल्लों में अंधेरा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्ट्रीट लाइटों की देखरेख करने वाली कंपनी ईईएसएल का अनुबंध खत्म हुए एक महीना बीत चुका है लेकिन अब तक नई कंपनी का टेंडर नहीं हो पाया। नतीजा यह है कि कई वार्डों में लाइटें खराब हो चुकी हैं लेकिन उनकी मरम्मत नहीं हो पा रही है। पुराने शहर के मुगलपुरा, लाकड़ीवालान, कानून गोयन, पीरगैब, ईदगाह समेत कई मोहल्ले में लाइटें खराब हो चुकी हैं और अंधेरा छाया हुआ है।
क्षेत्रीय पार्षदों का कहना है कि निगम कर्मी सीमित संसाधनों के बीच कुछ लाइटें बदलवा रहे हैं लेकिन संख्या बल कम होने के कारण यह काम नाकाफी है। मुगलपुरा के पार्षद मोअज्जम अली, लाकड़ीवालान के कमर सलीम आदि का कहना है कि जो लाइटें खराब हो रही हैं उनकी शिकायतें की जा रही है। लेकिन मरम्मत में समय लग रहा है। कई मोहल्ले में लाइटें खराब होने से वह बंद पड़ी हैं। इससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत तो हो ही रही है। साथ ही आपराधिक घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।
अनुमान के मुताबिक शहर में करीब 60 हजार स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं। इसमें 20 हजार नगर निगम की हैं जबकि 40 हजार के करीब स्ट्रीट लाइटें ईईएसएल कंपनी ने अनुबंध के तहत लगाई थीं। इन लाइटों की देखरेख का जिम्मा भी इसी कंपनी के पास है लेकिन कंपनी का अनुबंध पिछले महीने ही खत्म हो चुका है। इससे इन स्ट्रीट लाइटों की रखरखाव और मरम्मत का काम पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है।
अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह के अनुसार पिछले सप्ताह टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो जानी थी लेकिन तकनीकी खामी के चलते यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। फिर से टेंडर निकाला गया है जिसकी प्रक्रिया तीन से चार दिनों में पूरी कर ली जाएगी। टेंडर उठाने वाली कंपनी ही अनुबंध के तहत लाइटों की मरम्मत व देखरेख का काम करेगी।